बिहार के विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती व्यवस्था बदलेगी, राजभवन ने बनाई 'हाई-लेवल कमेटी'
Press Trust of India | September 14, 2026 | 12:00 PM IST | 2 mins read
बिहार के विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करने और "व्यापक सुधारों" का सुझाव देने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति बनाई गई है।
नई दिल्ली : बिहार ने राज्य के विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती के मौजूदा ढांचे की समीक्षा करने और 'व्यापक सुधारों' का सुझाव देने के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनाने का फैसला किया है। यह कमेटी असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा करेगी और खास तौर पर योग्यता के मानदंडों और परीक्षा व इंटरव्यू की प्रक्रिया पर गौर करेगी।
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पैनल में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अमरजीत सिन्हा और संजय कुमार, जाने-माने फिजिसिस्ट और पद्म श्री से सम्मानित प्रो. एच.सी. वर्मा और दो अन्य सदस्य शामिल हैं। गवर्नर के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी दीपक कुमार सिंह ने बताया कि गवर्नर के सचिवालय में एडिशनल सेक्रेटरी (यूनिवर्सिटी) संजय कुमार कमेटी के मेंबर सेक्रेटरी के तौर पर काम करेंगे।
समिति के कार्य
समिति असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती प्रक्रिया के अलग-अलग पहलुओं पर विचार करेगी, जिसमें उम्र, योग्यता के मानदंड, परीक्षा और इंटरव्यू का स्वरूप, अलग-अलग पैमानों का सापेक्ष महत्व, गेस्ट लेक्चर से जुड़े मुद्दे और अन्य संबंधित पहलू शामिल हैं। इस समिति को लोक भवन में अपनी जांच के नतीजे और सिफारिशें पेश करने के लिए 90 दिन का समय दिया गया है। दीपक कुमार सिंह ने कहा कि समिति 90 दिनों के भीतर लोक भवन को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसमें उसकी जांच के नतीजे और खास, अमल में लाने लायक सिफारिशें शामिल होंगी।
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ऐसी कमिटी बनाने का नोटिफिकेशन "गवर्नर और 'ऑल पीएचडी होल्डर्स एंड रिसर्चर्स एसोसिएशन' के डेलिगेशन के बीच 24 अगस्त को हुए समझौते के तहत" जारी किया गया था। यह कमिटी तब बनाई गई जब 'ऑल पीएचडी होल्डर्स एंड रिसर्चर्स एसोसिएशन' के बैनर तले कई छात्रों ने बिहार के पटना में गर्दनी बाग में कई हफ़्तों तक विरोध प्रदर्शन किया। डेलिगेशन और गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) अता हसनैन के बीच दो घंटे चली बातचीत के बाद यह विरोध प्रदर्शन खत्म किया गया।
छात्रों ने मांग की है कि असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए अधिकतम उम्र सीमा बढ़ाकर 55 साल की जाए और भर्ती "ऑब्जेक्टिव टाइप की लिखित परीक्षा" के जरिए की जाए।
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