Minority Scholarship Scheme: अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना में अनियमितताओं की जांच करेगी एसआईटी - सीएम धामी
Press Trust of India | July 23, 2025 | 10:28 AM IST | 2 mins read
राज्य की कुल 92 संस्थाएं संदेह के घेरे में हैं जिनमें से 17 संस्थाओं के विरुद्ध प्राथमिक जांच में छात्रवृत्ति के गबन की पुष्टि हुई है।
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना (Minority Scholarship Scheme) में कथित अनियमितताओं और गबन की जांच के लिए 22 जुलाई, 2025 (मंगलवार) को विशेष जांच दल (SIT) के गठन के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में पाया गया है कि राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर पंजीकृत कुछ संस्थाओं ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति प्राप्त की जिनमें कुछ मदरसे, संस्कृत विद्यालय तथा अन्य शिक्षण संस्थाएं भी शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा 2021-22 एवं 2022-23 सत्र के उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, राज्य की कुल 92 संस्थाएं संदेह के घेरे में हैं जिनमें से 17 संस्थाओं के विरुद्ध प्राथमिक जांच में छात्रवृत्ति के गबन की पुष्टि हुई है। इन संस्थाओं में कुछ मामलों में विद्यार्थियों की संख्या, पहचान पत्र (आधार कार्ड) व निवास संबंधी दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि उधमसिंह नगर जिले में सरस्वती शिशु मंदिर हाई स्कूल तथा रुद्रप्रयाग जिले में वासुकेदार संस्कृत महाविद्यालय जैसे संस्थानों में भी अनियमितता पाई गई है। इसके अतिरिक्त नैनीताल, हरिद्वार और अन्य जिलों की कुछ संस्थाएं भी जांच के दायरे में हैं।
Also read GC Scholarship: भारत के 8, मिडिल ईस्ट के 2 छात्रों को मिली 1 करोड़ रुपये की ग्लोबल सिटीजन स्कॉलरशिप
उन्होंने बताया कि एसआईटी इस मामले की गहराई से जांच करेगी जिसमें संलिप्त संस्थाओं के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में सात बिंदुओं पर जांच के निर्देश दिए गए हैं जिनमें फर्जी मामलों की पहचान कर संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना भी शामिल है।
इस संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचारियों को बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा। उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि, “प्रदेश में छात्रवृत्ति जैसे कल्याणकारी कार्यक्रमों में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार
- NEET Paper Leak: एक नहीं कई बार लीक हो चुका है नीट का पेपर; जानिए काला सच
- AISHE Reports: अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण रिपोर्ट वर्ष 2022-23 और 2023-24 के लिए जारी
- UDISE Report: वर्ष 2023-24 और 2025-26 के बीच सरकारी स्कूलों में दाखिले में लगभग 86 लाख की कमी आई
- NEET Retest 2026: नीट रीटेस्ट कल, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद; गाइडलाइंस जारी, एनटीए की आज देशभर में मॉक ड्रिल
- CBSE OSM Controversy: सीबीएसई चेयरमैन व सचिव का तबादला, केजरीवाल ने कहा- छात्रों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा