यूपीएससी ने पूजा खेडकर के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर, उम्मीदवारी रद्द करने के लिए भेजा नोटिस
Santosh Kumar | July 19, 2024 | 03:34 PM IST | 2 mins read
पूजा खेडकर ने अपना नाम और माता-पिता का नाम, फोटो, ईमेल आईडी, हस्ताक्षर, मोबाइल नंबर और पता बदलकर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की।
नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शुक्रवार (19 जुलाई) को आईएएस प्रोबेशनर पूजा खेडकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। आयोग ने आरोप लगाया कि खेडकर ने "अनुमेय सीमा से ज़्यादा धोखाधड़ी करके अपनी पहचान गलत तरीके से पेश की है।" साथ ही आयोग ने पूजा खेडकर को उनकी उम्मीदवारी रद्द करने तथा भविष्य में होने वाली परीक्षाओं में बैठने से रोकने के लिए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।
यूपीएससी ने प्रेस रिलीज जारी कर पूजा खेडकर के खिलाफ एफआईआर की जानकारी दी है। पूजा खेडकर ने 2022 में सिविल सेवा परीक्षा पास की थी। यूपीएससी ने प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर के खिलाफ आरोपों की जांच की।
जांच में पता चला कि पूजा ने अनुचित साधनों के जरिए परीक्षा में दी गई छूट का फायदा उठाया। उसने अपना नाम और माता-पिता का नाम, फोटो, ईमेल आईडी, हस्ताक्षर, मोबाइल नंबर और पता बदलकर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की।
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संघ लोक सेवा आयोग ने आईएएस पूजा खेडकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के साथ ही कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। इसमें कहा गया है कि सिविल सेवा परीक्षा के लिए बनाए गए नियमों के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्हें भविष्य में किसी भी प्रतियोगी परीक्षा या किसी भी सरकारी नौकरी के लिए परीक्षा देने से वंचित किया जा रहा है।
जारी नोटिस में कहा गया है कि यूपीएससी अपने संवैधानिक आदेश का सख्ती से पालन करता है और बिना किसी समझौते के सभी परीक्षाओं सहित अपनी सभी प्रक्रियाओं का संचालन करता है। यूपीएससी की शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी और जालसाजी के संबंध में खेडकर के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
बता दें कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (यूपीएससी सीएसई) नियम के अनुसार, प्रत्येक उम्मीदवार को परीक्षा पास करने के लिए 6 प्रयास मिलते हैं। हालांकि, ओबीसी, पीडब्ल्यूबीडी उम्मीदवारों को 9 बार उपस्थित होने की अनुमति होती है। एससी, एसटी श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए प्रयासों की संख्या पर कोई सीमा नहीं है।
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