UPSC CSE 2026: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा नियमों में बदलाव, सेवा में रहते बार-बार एग्जाम देने पर रोक
Saurabh Pandey | February 5, 2026 | 12:55 PM IST | 2 mins read
यूपीएससी ने परीक्षा में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए AI-आधारित फेशियल रिकॉग्निशन और आधार वेरिफिकेशन को अनिवार्य बनाया है। उम्मीदवारों को अब एक नए चार-चरणों वाले पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा, जो पूरी तरह से आधार से जुड़ा होगा।
UPSC CSE preparation strategy along with best books for prelims as well as mains exam for sure success.
Download EBookनई दिल्ली : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके साथ ही आयोग ने परीक्षा के नियमों में बदलाव भी किए हैं। इन नए नियमों के तहत आईएएस, आईएफएस और विशेष रूप से आईपीएस में पहले से नियुक्त उम्मीदवारों के दोबारा परीक्षा देने पर अधिक स्पष्ट और सख्त पाबंदियां लगा दी गई हैं।
UPSC IAS 2026: UPSC 2026 Annual Calender
Also See: UPSC IAS Mains QP's (2016-23) | Complete guide
Don't Miss: UPSC CSE Sample Papers
यूपीएससी की तरफ से जारी नोटिस में कहा गया है कि कोई उम्मीदवार जिसे पिछली परीक्षा के परिणामों के आधार पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) या भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) में नियुक्त किया गया है और जो उस सेवा का सदस्य बना रहता है, वह सिविल सेवा परीक्षा-2026 में बैठने के लिए पात्र नहीं होगा।
यदि ऐसे उम्मीदवार सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 समाप्त होने के बाद आईएएस या आईएफएस में नियुक्त किए जाते हैं और उम्मीदवार उस सेवा का सदस्य बना रहता है, तो वह सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 में उत्तीर्ण होने के बावजूद सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा-2026 में बैठने के लिए पात्र नहीं होगा।
यदि ऐसे किसी उम्मीदवार की नियुक्ति सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा-2026 के प्रारंभ होने के बाद लेकिन आयोग द्वारा परिणाम घोषित होने से पहले आईएएस या आईएफएस में हो जाती है और वह उस सेवा का सदस्य बना रहता है, तो ऐसे उम्मीदवार को सीएसई-2026 के परिणाम के आधार पर किसी भी सेवा/पद पर नियुक्ति के लिए विचार नहीं किया जाएगा।
यदि ऐसा उम्मीदवार जो न तो सीएसई-2026 के आधार पर आवंटित सेवा के लिए प्रशिक्षण में शामिल होता है और न ही प्रशिक्षण में शामिल होने से छूट लेता है, तो CSE-2026 के आधार पर उसका सेवा आवंटन रद्द माना जाएगा।
पुलिस सेवा के लिए नियम
अगर किसी उम्मीदवार का चयन पहले ही आईपीएस के लिए हो चुका है, तो वह सिविल सेवा परीक्षा 2026 के जरिए दोबारा आईपीएस का विकल्प नहीं चुन सकता है। सीएसई-2026 के परिणाम के आधार पर भारतीय पुलिस सेवा या केंद्रीय सेवा समूह 'ए' में आवंटित उम्मीदवार, यदि पात्र हैं, तो तत्काल बाद में होने वाली सीएसई-2027 परीक्षा में उपस्थित होने का विकल्प चुन सकते हैं, लेकिन निम्नलिखित प्रतिबंधों के अधीन-
ऐसा उम्मीदवार सीएसई-2027 में उपस्थित होने के लिए तभी पात्र होगा, जब उसे संबंधित प्राधिकारी द्वारा सीएसई-2026 के आधार पर आवंटित सेवा के लिए प्रशिक्षण से छूट दी गई हो। वह सीएसई-2027 में उपस्थित होने के लिए प्रशिक्षण में शामिल होने से केवल एक बार की छूट के लिए पात्र होगा।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी, ‘लाडू’, ‘रोटलो’ और ‘मोटो बापो’ जैसे स्थानीय शब्द होंगे शामिल
- राजस्थान में 7,000+ कम नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने जताया विरोध
- अगले 5 साल में 10 अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने की योजना, आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने दी जानकारी
- राज्यसभा में कांग्रेस सदस्य ने की हर स्कूल में छात्राओं के लिए अलग शौचालय सुनिश्चित करने की मांग
- हरियाणा के 23 जिलों में बनेंगे 90 आदर्श परीक्षा केंद्र, एचएसएससी अभ्यर्थियों को मिलेगी फ्री बस सुविधा
- Career Options After JEE: जेईई के बाद करियर के बेस्ट विकल्प क्या-क्या है? ट्रेंड्स जानें
- Rajasthan Budget 2026: एनटीए की तर्ज पर बनेगी स्टेट टेस्टिंग एजेंसी, भर्तियों का तोहफा; बजट में प्रमुख घोषणाएं
- Pariksha Pe Charcha 2026: स्वयं को तकनीक का गुलाम न बनाएं, क्षमता बढ़ाने में करें उपयोग- छात्रों से पीएम मोदी
- Budget 2026: 15,000 स्कूलों में कंटेंट क्रिएटर लैब, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल, बजट पर लोगों के रिएक्शन जानें
- UGC Act 2026: यूजीसी के नए रेगुलेशन के विरोध में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट का इस्तीफा, नियमों को बताया दमनकारी