प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने वाले गिरोह के 9 लोगों को यूपी एसटीएफ ने किया गिरफ्तार, जाली सर्टिफिकेट बरामद
Press Trust of India | March 26, 2026 | 01:29 PM IST | 2 mins read
लखनऊ के विकास नगर, सेक्टर-4 स्थित सेंट्रल एकेडमी में बने सीबीएसई परीक्षा केंद्र पर छापा मारकर 8 संदिग्धों को हिरासत में लिया था, जबकि एक अन्य आरोपी को बाद में पूछताछ के लिए गोरखपुर से लाया गया।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्य बल (STF) ने प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने के लिए जाली दिव्यांगता प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करने और पेशेवर ‘सॉल्वर’ (प्रश्न पत्र हल करने वालों) के जरिए परीक्षा दिलवाने के आरोप में 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, 25 मार्च को एक अभियान के दौरान इन लोगों को गिरफ्तार किया गया।
यह मामला केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा आयोजित एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल भर्ती परीक्षा टियर-टू में हुई अनियमितता से जुड़ा है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह गिरोह बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लुभाता था और इसके बदले उनसे मोटी रकम वसूलता था।
बयान के अनुसार, यह परीक्षा ‘जूनियर सेक्रेटेरिएट असिस्टेंट’ के पद के लिए 22 से 25 मार्च के बीच आयोजित की गई थी। इसमें बताया गया कि इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राज किशोर, नीरज झा, सत्यम कुमार, राम मिलन, मनीष मिश्रा, आकाश अग्रवाल, सौरभ सोनी, अभिषेक यादव और दीपक कुमार के रूप में हुई है। ये सभी उत्तर प्रदेश और दिल्ली के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं।
Also read निजी स्कूलों में हर साल फीस वृद्धि पर रोक लगाने के लिए पारदर्शी नियामक बनाने की राज्यसभा में उठी मां ग
उन्होंने बताया कि ऐसा आरोप है कि इस गिरोह के सदस्य बिचौलियों के जरिए जाली दिव्यांगता प्रमाण पत्र का इंतजाम करते थे और यह सुनिश्चित करते थे कि उम्मीदवारों को दिव्यांगता की श्रेणी के तहत योग्य घोषित किया जाए। एसटीएफ के बयान के मुताबिक, आरोपी परीक्षार्थियों की जगह परीक्षा में बैठने और प्रश्न पत्र हल करने के लिए पेशेवर 'सॉल्वर' (प्रश्न पत्र हल करने वालों) का इस्तेमाल करते थे।
बयान के अनुसार, सूचना के आधार पर एसटीएफ की एक टीम ने 24 मार्च को लखनऊ के विकास नगर, सेक्टर चार स्थित सेंट्रल एकेडमी में बने सीबीएसई परीक्षा केंद्र पर छापा मारकर आठ संदिग्धों को हिरासत में लिया था जबकि एक अन्य आरोपी को बाद में पूछताछ के लिए गोरखपुर से लाया गया।
आगे बताया गया कि, पूछताछ और दस्तावेजी सुबूतों के आधार पर 25 मार्च, 2026 को सभी 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। सूत्रों ने बताया कि पकड़े गए अभियुक्तों के कब्जे से 13 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, 2.70 लाख रुपये की नकदी, एक कार और 6 जाली दिव्यांगता प्रमाण पत्र बरामद किए गए हैं।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार
- NEET Paper Leak: एक नहीं कई बार लीक हो चुका है नीट का पेपर; जानिए काला सच
- AISHE Reports: अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण रिपोर्ट वर्ष 2022-23 और 2023-24 के लिए जारी
- UDISE Report: वर्ष 2023-24 और 2025-26 के बीच सरकारी स्कूलों में दाखिले में लगभग 86 लाख की कमी आई
- NEET Retest 2026: नीट रीटेस्ट कल, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद; गाइडलाइंस जारी, एनटीए की आज देशभर में मॉक ड्रिल
- CBSE OSM Controversy: सीबीएसई चेयरमैन व सचिव का तबादला, केजरीवाल ने कहा- छात्रों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा
- संसदीय समिति ने नीट मामले पर एनटीए अधिकारियों से पूछे तीखे सवाल, एजेंसी बोली- ‘हमारे सिस्टम से नहीं हुआ लीक’