Press Trust of India | May 13, 2026 | 06:47 PM IST | 1 min read
नासिक जिले के नंदगांव निवासी शुभम खैरनार (30) को स्थानीय मजिस्ट्रेट अदालत ने सीबीआई की 'ट्रांजिट रिमांड' पर भेज दिया है।
Enrol in Aakash Institute's Re-NEET 2026 victory batch at Rs. 99 only. Batch starts 16th May 2026.
Enrol Now
नई दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने बुधवार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के मुख्यालय का दौरा किया जहां उसने नीट-यूजी परीक्षा से संबंधित दस्तावेज एकत्र किए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई। सीबीआई की टीम ने जांच प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों से भी बात की।
एजेंसी ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है जिन्हें राज्य पुलिस ने पेपर लीक मामले के संबंध में गिरफ्तार किया। नासिक जिले के नंदगांव निवासी शुभम खैरनार (30) को स्थानीय मजिस्ट्रेट अदालत ने सीबीआई की 'ट्रांजिट रिमांड' पर भेज दिया है।
राजस्थान पुलिस के अनुरोध पर नासिक पुलिस ने मंगलवार को खैरनार को हिरासत में लिया था। अधिकारियों के अनुसार, राजस्थान पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए कई संदिग्धों से सीबीआई ने भी इस मामले के संबंध में पूछताछ की।
एजेंसी एक मैसेजिंग ऐप पर मौजूद उन समूहों की भी जांच कर रही है, जिन पर ये प्रश्नपत्र कई व्यक्तियों को भेजे गए थे। सीबीआई ने नीट यूजी के कथित प्रश्नपत्र लीक मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच के लिए टीम गठित की थीं।
पेपर लीक के परिणामस्वरूप 3 मई को आयोजित परीक्षा रद्द कर दी गई। नीट-यूजी 2026 का आयोजन भारत के 551 शहरों और विदेशों में स्थित 14 केंद्रों पर किया गया था। इस परीक्षा के लिए लगभग 23 लाख उम्मीदवारों ने पंजीकरण किया।
राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) की जांच में एक 'गेस पेपर' सामने आया, जिसमें परीक्षा के असली पेपर के 100 से अधिक सवालों से चौंकाने वाली समानता पाई गई। यह गेस पेपर परीक्षा से पहले सीकर जैसे कोचिंग हब में फैला और इसे लाखों रुपये में बेचा गया ।
Santosh Kumar