Santosh Kumar | May 12, 2026 | 02:31 PM IST | 2 mins read
कांग्रेस से जुड़ी नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने नीट प्रश्न पत्र लीक मामले को लेकर शास्त्री भवन के पास विरोध प्रदर्शन किया।
Enrol in Aakash Institute's Re-NEET 2026 victory batch at Rs. 99 only. Batch starts 16th May 2026.
Enrol Now
नई दिल्ली: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट 2026 में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) की जांच में एक 'गेस पेपर' सामने आया, जिसमें परीक्षा के असली पेपर के 100 से अधिक सवालों से चौंकाने वाली समानता पाई गई। यह गेस पेपर परीक्षा से पहले सीकर जैसे कोचिंग हब में फैला और इसे लाखों रुपये में बेचा गया। नतीजतन, अब लगभग 23 लाख छात्रों के लिए आयोजित नीट 2026 परीक्षा एनटीए ने रद्द कर दी है।
कांग्रेस से जुड़ी नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने नीट प्रश्न पत्र लीक मामले को लेकर शास्त्री भवन के पास विरोध प्रदर्शन किया। परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई, जिसके बाद प्रश्न पत्र लीक होने के आरोप सामने आए।
इसके बाद एसओजी और केंद्रीय एजेंसियों ने जांच शुरू की। इससे पहले एनटीए ने नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द करने की घोषणा की और कहा कि परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी, जिसकी तिथियों की घोषणा अलग से की जाएगी।
एनएसयूआई ने राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में, मोदी सरकार की लापरवाही और नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया है और कहा है कि शिक्षा व्यवस्था की सुरक्षा करने में मोदी सरकार पूरी तरह से विफल साबित हुई है।
एक्स हैंडल पर साझा की गई एक पोस्ट में एनएसयूआई ने लिखा, "पेपर लीक की बार-बार होने वाली घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि सरकार का ध्यान छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने पर नहीं, बल्कि 'शिक्षा माफिया' को बचाने पर है।"
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राहुल गांधी ने लिखा, "22 लाख से अधिक छात्रों की मेहनत, त्याग भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया। किसी पिता ने कर्ज लिया, किसी मां ने गहने बेचे, बच्चों ने रात-रात भर पढ़ाई की, और बदले में मिला, पेपर लीक, शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार।"
उन्होंने आगे लिखा, "यह केवल नाकामी नहीं, युवाओं के भविष्य के साथ अपराध है। हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्र सजा भुगतते हैं। अब लाखों छात्र फिर से वही मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता झेलेंगे।"
राहुल गांधी ने कहा, "अगर अपनी तकदीर परिश्रम से नहीं, पैसे और पहुंच से तय होगा, तो फिर शिक्षा का मतलब क्या रह जाएगा? प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है।" एनटीए जल्द नई डेट्स जारी करेगी।