UoS: साउथेम्पटन विश्वविद्यालय ने भारतीय कैंपस के लिए पेश की योजना, आठ साल में 5500 छात्रों को मिलेगा प्रवेश
Press Trust of India | September 1, 2024 | 05:19 PM IST | 2 mins read
यूनिवर्सिटी ऑफ साउथेम्प्टन, दिल्ली-एनसीआर कैंपस में जुलाई 2025 से बिजनेस मैनेजमेंट, लॉ, कंप्यूटिंग, इंजीनियरिंग समेत कई प्रोग्राम संचालित होंगे।
नई दिल्ली: ब्रिटेन के साउथेम्पटन विश्वविद्यालय (University of Southampton) ने भारत में अपने विदेशी कैंपस में अगले आठ साल में 30 पाठ्यक्रम पेश करने और 5,000 से अधिक छात्रों को दाखिला देने की योजना बनाई है। शीर्ष अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।
‘इंटरनेशनल एंड इंगेजमेंट’ मामलों के उपाध्यक्ष एंड्रयू आथर्टन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में विश्वविद्यालय के एजेंडे पर विस्तारपूर्वक बात करते हुए कहा कि दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बनने वाले कैंपस का संचालन अगले साल शुरू होगा। भारत में किसी विदेशी विश्वविद्यालय का यह पहला कैंपस है।
उन्होंने कहा कि साउथेम्पटन कैंपस की तुलना में भारतीय कैंपस में ट्यूशन फीस 40 प्रतिशत कम होगी और दाखिले की प्रक्रिया समान होगी। भारत सरकार ने इस सप्ताह की शुरुआत में इस साउथेम्पटन विश्वविद्यालय को देश में कैंपस स्थापित करने के लिए आशय पत्र प्रदान किया था।
ऑस्ट्रेलिया के डीकिन विश्वविद्यालय और वोलोंगोंग विश्वविद्यालय पहले ही गुजरात के गिफ्ट सिटी में कैंपस स्थापित कर चुके हैं। हालांकि साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय यूजीसी मानदंडों के तहत भारत में कैंपस स्थापित करने वाला पहला विदेशी विश्वविद्यालय होगा।
आर्थटन ने कहा, ‘‘पहले आठ से 10 वर्षों में 5,500 छात्रों को दाखिला देने का लक्ष्य है। इसलिए पहले साल कम छात्रों को दाखिला दिया जाएगा। हम शुरुआत में छह पाठ्यक्रम पेश करेंगे, जिनमें चार स्नातक और दो स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम होंगे।”
उन्होंने आगे कहा, ‘‘इसके बाद प्रत्येक वर्ष, हम दो से चार नए कार्यक्रम पेश करेंगे और धीरे-धीरे 30 से ज्यादा पाठ्यक्रम पेश किए जाएंगे, जिनमें से लगभग 20 स्नातक जबकि 12 स्नातकोत्तर होंगे।”
बता दें कि, भारत के यूनिवर्सिटी ऑफ साउथेम्प्टन कैंपस दिल्ली-एनसीआर में शैक्षणिक सत्र जुलाई 2025 से बिजनेस मैनेजमेंट, लॉ, कंप्यूटिंग, इंजीनियरिंग समेत कई प्रोग्रामों संचालित होंगे।
साउथेम्प्टन यूनिवर्सिटी ने गुरुग्राम में अपना एक कैंपस शुरू करने का प्रस्ताव रखा था। जिसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की स्टैंडिंग कमिटी ने नियमों के अनुसार आशय पत्र (Letter of intent) जारी करने के लिए मंजूरी दी थी। हाल ही में, केंद्रीय मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि एनईपी 2020 के तहत साउथेम्प्टन यूनिवर्सिटी भारत में अपना पहला परिसर स्थापित करेगा।
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