RBSE Board Exam 2025: राजस्थान बोर्ड परीक्षा में रीटोटलिंग के साथ ही रीचेकिंग का भी कार्य किया जाएगा शुरू

Abhay Pratap Singh | March 15, 2025 | 12:36 PM IST | 2 mins read

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बताया कि राजस्थान बोर्ड परीक्षा में रीचेकिंग का कार्य गणित से शुरू किया जाएगा।

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राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा - रीचेकिंग कार्य सफल होने पर अन्य विषयों पर लागू किया जाएगा।(स्त्रोत-एक्स/@rajeduofficial)

नई दिल्ली: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने आरबीएसई बोर्ड परीक्षा 2025 में उपस्थित होने वाले हाईस्कूल और इंटरमीडिएट छात्रों के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य शिक्षा विभाग द्वारा बोर्ड परीक्षाओं में कम अंक प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए रीटोटलिंग के साथ ही रीचेकिंग की सुविधा शुरू की गई है।

राजस्थान शिक्षा विभाग ने अपने ऑफिशियल ‘एक्स’ हैंडल पर एक पोस्ट में कहा, “बोर्ड परीक्षा में रीटोटलिंग के साथ ही रीचेकिंग का भी कार्य शुरू किया जाएगा। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने छात्राओं को बताया कि यह कार्य गणित से शुरू किया जाएगा, यह प्रयोग सफल होने पर अन्य विषयों पर भी लागू किया जाएगा।”

आरबीएसई बोर्ड परीक्षा परिणाम 2025 जारी होने के बाद जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं वे रीचेकिंग के लिए आवेदन कर सकेंगे। रीचेकिंग के माध्यम से छात्र अपने अंकों की सही स्थिति का पता लगा सकते हैं। इससे पहले, छात्रों को सिर्फ रीटोटलिंग का ही मौका दिया जाता था।

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वेद विद्यालय, वैदिक गुरुकुल एवं वैदिक पर्यटन केंद्र स्थापित करेगी सरकार -

राजस्थान सरकार संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार और शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए वेद विद्यालय, वैदिक गुरुकुल एवं वैदिक पर्यटन केंद्र स्थापित करेगी। प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों में वेद विद्यालय खोले जाएंगे। वहीं, जयपुर, जोधपुर और उदयपुर में वैदिक गुरुकुल एवं वैदिक पर्यटन केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

संस्कृति एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने हाल ही में कुंदकुंद कहान संस्कृत महाविद्यालय, कोटा में आयोजित दीक्षांत समारोह में कहा, संस्कृत भारत की पहचान और देववाणी है, जिसमें ज्ञान का अथाह भंडार छुपा है, जिसे विश्व पटल पर लाने की आवश्यकता है।

उन्होंने इसे विश्व की सर्वाधिक वैज्ञानिक भाषा बताते हुए कहा कि नासा ने भी इसे अंतरिक्ष विज्ञान के लिए सर्वश्रेष्ठ भाषा माना है। मंत्री मदन दिलावर ने संस्कृत शिक्षण को और अधिक प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए महाविद्यालय को क्रमोन्नत करने का आश्वासन दिया।

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