QS World University Ranking: विश्व रैंकिंग में G20 देशों में भारतीय विश्वविद्यालयों का दबदबा, पीएम ने की तारीफ
Santosh Kumar | April 23, 2024 | 07:22 PM IST | 2 mins read
क्वाक्वेरेली साइमंड्स के चेयरमैन नुंजियो क्वाक्वेरेली ने एक लिंक्डइन पोस्ट में कहा कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ते अनुसंधान केंद्रों में से एक है।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शैक्षणिक वर्ष 2023-24 में जी20 देशों के बीच क्यूएस विश्वविद्यालय रैंकिंग में भारत के शीर्ष पर रहने के लिए भारत सरकार की प्रशंसा की है। भारतीय विश्वविद्यालयों ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में जी20 देशों के बीच औसत रैंकिंग में साल-दर-साल 14% का सुधार दर्ज किया है। इसके चलते क्यूएस यूनिवर्सिटी रैंकिंग के चेयरमैन नुंजियो क्वाक्वेरेली ने भी भारत की तारीफ की है।
नुंजियो क्वाक्वेरेली ने इस वर्ष क्यूएस विषय रैंकिंग प्रदर्शन में सभी जी20 देशों का नेतृत्व करने के लिए भारत की प्रशंसा की है। लंदन स्थित उच्च शिक्षा विश्लेषण फर्म क्वाक्वेरेली साइमंड्स (क्यूएस) द्वारा घोषित रैंकिंग में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) को भारत में सर्वोच्च रैंक वाले विश्वविद्यालय के रूप में पहचाना गया है। विश्वविद्यालय विश्व स्तर पर 20वें स्थान पर है।
क्वाक्वेरेली साइमंड्स के चेयरमैन नुंजियो क्वाक्वेरेली ने एक लिंक्डइन पोस्ट में कहा कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ते अनुसंधान केंद्रों में से एक है। उन्होंने कहा कि भारत में अनुसंधान उत्पादन 2017 से 2022 तक 54% बढ़ गया, जिससे भारत विश्व स्तर पर अनुसंधान का चौथा सबसे बड़ा उत्पादक बन गया।
युवा शक्ति को लाभ होगा: पीएम मोदी
क्वाक्वेरेली को जवाब देते हुए, पीएम मोदी ने कहा “यह देखना उत्साहजनक है। हमारी सरकार बड़े पैमाने पर अनुसंधान, शिक्षण और नवाचार पर ध्यान केंद्रित कर रही है। आने वाले समय में यह जोर और भी गहरा होगा, जिससे हमारी युवा शक्ति को लाभ होगा।''
क्वाक्वेरेली ने शिक्षा क्षेत्र में भारत की रैंकिंग और प्रगति में सुधार का श्रेय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 जैसी सरकारी पहल को दिया। भारत अब 55 क्यूएस विषय रैंकिंग में से 44वें स्थान पर है।
बता दें कि विषय के आधार पर क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग की घोषणा इस महीने की शुरुआत में की गई थी, जिसमें आईआईएम-अहमदाबाद व्यवसाय और प्रबंधन अध्ययन के लिए वैश्विक स्तर पर शीर्ष 25 संस्थानों में शामिल था, जबकि आईआईएम-बैंगलोर और आईआईएम-कलकत्ता शीर्ष 50 में थे।
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