‘हमें अपनी संस्कृति पर गर्व होता है’- केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति मुर्मू
Abhay Pratap Singh | March 7, 2024 | 10:38 PM IST | 2 mins read
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज यानी 7 मार्च को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के पहले दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारतीय संस्कृति पर गर्व हमारी राष्ट्रीय चेतना की नींव है। जब हमें एहसास होता है कि हमारे देश की संस्कृति कितनी समृद्ध है तो हमें गर्व महसूस होता है। हमारा सांस्कृतिक इतिहास संस्कृत में कायम है। संस्कृत भाषा में सांस्कृतिक ज्ञान प्राप्त करने से राष्ट्र की सेवा होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से सत्य बोलने, सदाचारपूर्ण व्यवहार करने और स्वाध्याय में लापरवाही न करने की बात कही।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज यानी 7 मार्च को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के पहले दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। राष्ट्रपति ने वहां मौजूद लोगों को संबोधित भी किया। दीक्षांत समारोह में डाक्टरेट सहित अन्य पाठ्यक्रमों में लगभग 3000 छात्रों को डिग्रियां वितरित की गई। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद रहे।
मुर्मू ने केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में कहा कि संस्कृत भाषा ने हमारे विशाल क्षेत्र की विविधता को एकता के सूत्र में पिरोया है। संस्कृत की शब्दावली से कई भारतीय भाषाएँ मजबूत हुई हैं और वे भाषाएँ विभिन्न क्षेत्रों और राज्यों में फल-फूल रही हैं। यह न केवल ईश्वर की भाषा है, बल्कि यह जन-जन की भी भाषा है।
राष्ट्रपति ने आगे कहा कि जिस भाषा में गार्गी, मैत्रेयी, अपाला और लोपामुद्रा जैसी महिला विद्वानों ने अमर योगदान दिया है, उस भाषा में महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक होनी चाहिए। यह जानकर खुशी हुई कि आज के दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक विजेताओं में लड़के और लड़कियों की संख्या लगभग बराबर है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के प्रयासों के लिए केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की सराहना भी की।
केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने संबोधन में कहा कि हमारी संस्कृति की विरासत संस्कृत भाषा में संरक्षित है, जिसने हमारे विशाल भूभाग की विविधता को एकता के सूत्र में पिरोकर रखा है। उन्होंने मानक उपाधि पाने वाले सभी महानुभावों एवं उपाधि और स्वर्ण पदक पाने वाले विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी।
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