संसदीय समिति ने गिनाए शैक्षणिक तनाव के कारण, पाठ्यपुस्तकों की कमी व आवेदन-आधारित परीक्षा प्रमुख वजह
Press Trust of India | August 13, 2026 | 03:52 PM IST | 2 mins read
समिति ने चिंता जताई कि शिक्षकों के ऑनलाइन प्रशिक्षण में भारी गिरावट आई है और यह संख्या 2022 में 53 लाख से अधिक से घटकर 2025 में करीब 1,62,814 रह गई।
नई दिल्ली: संसद की एक समिति ने कक्षा 9 से 12 तक के लिए पाठ्यक्रम तैयार करने और उसके क्रियान्वयन के बीच अंतर को रेखांकित करते हुए कहा है कि पाठ्यपुस्तकों की अनुपलब्धता और आवेदन-आधारित बोर्ड परीक्षा पद्धति छात्रों, खासकर 10वीं और 12वीं की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों में शैक्षणिक तनाव और भ्रम का कारण बन रही हैं। 'देश में किफायती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए बजट एवं नीतिगत पहलुओं'' से संबंधित प्राक्कलन समिति (2026-27) की 18वीं लोकसभा की दसवीं रिपोर्ट में यह टिप्पणी की गई है। यह रिपोर्ट बुधवार को लोकसभा में पेश की गई।
समिति ने कहा कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा नौ से 12 के लिए पाठ्यचर्या को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ) 2023 के उद्देश्यों के अनुरूप अपनाया है।
हालांकि, समिति ने कहा कि एनसीईआरटी कक्षा 9 से 12 के लिए नई पाठ्यपुस्तकें जारी करने की प्रक्रिया में है। इसके कारण स्कूलों को अक्सर पुरानी अध्ययन सामग्री की उपलब्धता के बीच नए और उच्च-स्तरीय पाठ्यक्रम को पढ़ाना पड़ रहा है।
समिति ने कहा, ''पाठ्यपुस्तकों की अनुपलब्धता और नए, आवेदन-आधारित बोर्ड परीक्षा पद्धति छात्रों, विशेषकर कक्षा 10 और 12 की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों में महत्वपूर्ण शैक्षणिक तनाव और भ्रम पैदा कर रहे हैं।''
नई किताबों की छपाई की गति बढ़ाने का आग्रह
समिति ने शिक्षा मंत्रालय से इस बदलाव से उत्पन्न अंतर को दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाने तथा सभी कक्षाओं के लिए शेष नई पाठ्यपुस्तकों को तैयार करने, मुद्रण और देशभर में इनके वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया।
उसने एनसीईआरटी से नई पहलों को सफल बनाने के लिए सीबीएसई के साथ मिलकर काम करने को भी कहा। समिति ने आवेदन-आधारित पद्धति में शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए देशव्यापी कार्यक्रम शुरू करने की सिफारिश की।
सीबीएसई के तहत शिक्षक क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण व्यवस्था के संबंध में समिति ने कहा कि बोर्ड शिक्षकों के विकास में सहायता के लिए देशभर में क्षमता निर्माण कार्यक्रम (सीबीपी) आयोजित करता है।
Also read कॉकरोच जनता पार्टी ने 15 अगस्त से ‘स्कूल ठीक करो’ मुहिम का किया ऐलान, ग्रामीण विद्यालयों पर खास फोकस
ऑनलाइन प्रशिक्षण में भारी गिरावट आई
सभी शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के लिए हर वर्ष कम से कम 50 घंटे का प्रशिक्षण पूरा करना अनिवार्य है, जिसमें मूल्यों एवं नैतिकता, विषय ज्ञान और शिक्षण पद्धतियों सहित विभिन्न विषय शामिल हैं।
समिति ने पिछले 5 वर्षों में ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से 1.1 करोड़ से अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देने के लिए बोर्ड की सराहना की। उसने कहा कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को यह प्रशिक्षण पूरी तरह नि:शुल्क दिया जाता है।
हालांकि, समिति ने चिंता जताई कि शिक्षकों के ऑनलाइन प्रशिक्षण में भारी गिरावट आई है और यह संख्या 2022 में 53 लाख से अधिक से घटकर 2025 में करीब 1,62,814 रह गई।
अगली खबर
]BPSC TRE 4: टीआरई-4 पर सस्पेंस बरकरार, एसटीईटी अभ्यर्थियों को भी मिलेगा मौका, बयान से पलटे शिक्षा मंत्री
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, जिन्होंने पहले कहा था कि एसटीईटी परीक्षा नहीं होगी, अब अपने बयान से पलट चुके हैं। नतीजतन, सोशल मीडिया पर उम्मीदवारों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
Santosh Kumar | 2 mins readविशेष समाचार
]- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार
- NEET Paper Leak: एक नहीं कई बार लीक हो चुका है नीट का पेपर; जानिए काला सच
- AISHE Reports: अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण रिपोर्ट वर्ष 2022-23 और 2023-24 के लिए जारी
- UDISE Report: वर्ष 2023-24 और 2025-26 के बीच सरकारी स्कूलों में दाखिले में लगभग 86 लाख की कमी आई
- NEET Retest 2026: नीट रीटेस्ट कल, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद; गाइडलाइंस जारी, एनटीए की आज देशभर में मॉक ड्रिल
- CBSE OSM Controversy: सीबीएसई चेयरमैन व सचिव का तबादला, केजरीवाल ने कहा- छात्रों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा
- संसदीय समिति ने नीट मामले पर एनटीए अधिकारियों से पूछे तीखे सवाल, एजेंसी बोली- ‘हमारे सिस्टम से नहीं हुआ लीक’
- बिहार में खुलेगा राष्ट्रीय कला विश्वविद्यालय, ‘भोजपुरी के शेक्सपियर’ भिखारी ठाकुर के नाम पर बनेगा म्यूजियम