Press Trust of India | October 14, 2026 | 05:39 PM IST | 1 min read
‘शिक्षा महाकुंभ 6.0’ के तहत तीन दिवसीय रक्षा एवं सुरक्षा सम्मेलन, अंतरराष्ट्रीय शोध सम्मेलन और रक्षा नवाचार चुनौती का आयोजन किया गया।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), हमीरपुर में आयोजित रक्षा सम्मेलन में विशेषज्ञों ने कहा कि केवल स्वदेशी विनिर्माण से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित नहीं हो सकती। विशेषज्ञों ने कहा कि भारत की रणनीतिक स्वायत्तता के लिए महत्वपूर्ण उपकरणों और सॉफ्टवेयर, डिजाइन क्षमताओं तथा रखरखाव के बुनियादी ढांचे पर संप्रभु नियंत्रण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
इस सप्ताह की शुरुआत में आयोजित ‘शिक्षा महाकुंभ 6.0’ के तहत तीन दिवसीय रक्षा एवं सुरक्षा सम्मेलन, अंतरराष्ट्रीय शोध सम्मेलन और रक्षा नवाचार चुनौती का आयोजन किया गया। इसमें रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और युवा नवोन्मेषकों ने हिस्सा लिया।
इस दौरान स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों, राष्ट्रीय सुरक्षा और उभरती तकनीकी चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया गया। “आत्मनिर्भर डिफेंस से विकसित भारत-शिक्षा जगत, उद्योग और अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) के बीच की खाई को पाटना” विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में स्वदेशी प्रौद्योगिकी के विकास में तेजी लाने और रणनीतिक स्वायत्तता के भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए शैक्षणिक संस्थानों, रक्षा अनुसंधान प्रतिष्ठानों और उद्योग जगत के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर जोर दिया गया।
वैज्ञानिक और नौसेना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला (एनएसटीएल) के पूर्व निदेशक डॉ. ओ. आर. नंदागोपन ने रक्षा सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने भारत की रक्षा तैयारियों को मजबूत करने में उन्नत इंजीनियरिंग अनुसंधान, नौसैनिक वास्तुकला, संरचनात्मक यांत्रिकी और स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं के महत्व को रेखांकित किया।
विशेषज्ञों ने शैक्षणिक संस्थानों, रक्षा अनुसंधान प्रयोगशालाओं और उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान को उपयोगी रक्षा तकनीकों में बदलना आवश्यक है। सम्मेलन के साथ आयोजित अंतरराष्ट्रीय रक्षा अनुसंधान सम्मेलन में तीन देशों के प्रतिभागियों ने 46 शोधपत्र प्रस्तुत किए। वहीं, 10 अक्टूबर को आयोजित रक्षा नवाचार चुनौती में करीब 400 विद्यार्थियों ने लगभग 100 हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर परियोजनाएं प्रदर्शित कीं।