NEET PG 2024: एमबीबीएस के बाद सबसे अधिक मांग वाले टॉप 5 पीजी मेडिकल कोर्स; फीस और एलिजिबिलिटी जानें
Abhay Pratap Singh | December 16, 2024 | 10:50 PM IST | 4 mins read
भारत के अधिकतर कॉलेजों में स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET PG) के माध्यम से एडमिशन दिया जाता है।
Use the NEET PG College Predictor 2026 to check your MD/MS/Diploma admission chances
Try Nowनई दिल्ली: बैचरल ऑफ मेडिकल एंड बैचलर ऑफ सर्जरी (MBBS) के बाद पीजी मेडिकल कोर्स में दाखिला लेने के लिए उम्मीदवारों को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट फॉर पोस्ट-ग्रेजुएशन (NEET PG) प्रवेश परीक्षा में उपस्थित होना होता है। नीट पीजी एक राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसका आयोजन प्रत्येक वर्ष किया जाता है। नीट पीजी एंट्रेंस एग्जाम में सफल कैंडिडेट को स्नातकोत्तर मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया में भी भाग लेना होता है।
NEET PG 2026: Answer Key & Scorecard OUT: Direct Link | Cutoff | Marks vs Rank
Latest: NEET PG 2026 College Predictor
NEET PG Companion: Get Expert Guidance for NEET PG Admissions with One-to-One Counselling
भारत में मेडिकल पीजी पाठ्यक्रम दो मुख्य प्रशिक्षण प्रारूपों एमडी/एमएस डिग्री या डीएम/एमसीएच सुपर स्पेशियलिटी डिग्री में पेश किए जाते हैं। एमबीबीएस डिग्री के बाद डॉक्टर उम्मीदवारों के पास मेडिकल क्षेत्र में कई तरह के विकल्प होते हैं। कैंडिडेट अपनी रुचि और विशेषज्ञता के आधार पर एमबीबीएस के बाद पीजी मेडिकल कोर्स का चयन कर सकते हैं। एमबीबीएस डिग्री के बाद पीजी मेडिकल कोर्स डॉक्टर अभ्यर्थियों को कौशल और अनुभव बढ़ाने की दिशा में मददगार साबित होता है।
भारत के अधिकतर कॉलेजों में स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET PG) के माध्यम से किया जाता है। हालांकि, AIIMS, PGIMER चंडीगढ़, JIPMER पुडुचेरी, NIMHANS बेंगलुरु, श्री चित्रा तिरुनल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी, त्रिवेंद्रम संस्थान नीट पीजी के दायरे में नहीं आते हैं। राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड (NBEMS) द्वारा भारत के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर चिकित्सा कार्यक्रमों में प्रवेश देने के लिए नीट पीजी आयोजित की जाती है।
एमबीबीएस के बाद पीजी मेडिकल कोर्स के लाभ -
एमबीबीएस के बाद नीट पीजी के माध्यम से स्नातकोत्तर मेडिकल कार्यक्रमों में दाखिला लेने के निम्नलिखित लाभ होते हैं:
- बेहतर ज्ञान - मेडिकल स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम किसी भी चिकित्सा क्षेत्र में डॉक्टर उम्मीदवारों को गहन और अधिक व्यापक ज्ञान प्रदान करते हैं। पीजी कोर्स नए कौशल को प्राप्त करने और प्रैक्टिस में आगे बढ़ने में काफी सहायक है।
- रिसर्च के अवसर - मेडिकल के क्षेत्र में पीजी पाठ्यक्रम अभ्यर्थियों को रिसर्च के अवसर के साथ ही उम्मीदवारों को क्लिनिकल प्रैक्टिस के भी अवसर प्रदान करता है।
- वेतन में वृद्धि - स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने का एक मुख्य कारण वेतन में वृद्धि की संभावना है। पीजी कोर्स के बाद अच्छे वेतन के साथ बेहतर विकल्प उपलब्ध होते हैं।
Top 5 Most Demanding PG Medical Courses: शीर्ष 5 पीजी मेडिकल कोर्स
एमबीबीएस डिग्री के बाद भारत में सबसे अधिक मांग वाले पीजी मेडिकल कोर्स में सामान्य चिकित्सा में एमडी, बाल रोग में एमडी, जनरल सर्जरी में एमएस, रेडियोलॉजी में एमडी और ऑर्थोपेडिक्स में एमएस शामिल है। इसके अलावा, त्वचाविज्ञान में एमडी, एनेस्थिसियोलॉजी में एमडी, मनोचिकित्सा में एमडी, प्रसूति एवं स्त्री रोग में एमएस और आपातकालीन चिकित्सा में एमडी कोर्स की भी काफी मांग है।
1) सामान्य चिकित्सा में एमडी (MD in General Medicine) -
जनरल मेडिसिन वयस्क रोगों की रोकथाम, निदान और उपचार में शामिल चिकित्सा विशेषता है। न्यूनतम 50% अंकों के साथ एमबीबीएस की डिग्री और नीट पीजी परीक्षा पास कैंडिडेट इस कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। साथ ही, 1 साल की अनिवार्य इंटर्नशिप भी हो। एमडी जनरल मेडिसिन चिकित्सा पाठ्यक्रम की अवधि 2 से 3 वर्ष है। एमडी जनरल मेडिसिन पाठ्यक्रम के लिए संस्थानों द्वारा ली जाने वाली औसत ट्यूशन फीस 10 हजार रुपये से 15 लाख रुपये तक है।
2) बाल रोग में एमडी (MD in Pediatrics) -
भारत सहित दुनियाभर में बाल रोग विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है। मान्यता प्राप्त संस्थान से एमबीबीएस की डिग्री और नीट पीजी में सफल कैंडिडेट एमडी पीडियाट्रिक्स पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकते हैं। इसके साथ ही, कैंडिडेट को एक वर्ष की इंटर्नशिप भी पूरी करनी होगी। एमडी इन पीडियाट्रिक्स कोर्स की फीस 4 लाख रुपये से लेकर 30 लाख रुपये तक है। एमडी इन पीडियाट्रिक्स पाठ्यक्रम की अवधि 3 वर्ष है।
3) जनरल सर्जरी में एमएस (MS in General Surgery) -
चिकित्सा के क्षेत्र में सर्जरी चिकित्सा सबसे गतिशील क्षेत्रों में से एक है। जनरल सर्जरी में एमएस डॉक्टरों को महत्वपूर्ण सर्जरी करने और आपात स्थितियों से निपटने में कौशल प्रदान करता है। एमबीबीएस में 50% से अधिक अंकों के साथ उत्तीर्ण और मुख्य विषय विज्ञान के साथ इंटरमीडिएट में पास कैंडिडेट इस कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। मास्टर ऑफ सर्जरी कोर्स में प्रवेश NEET PG या INI CET स्कोर पर आधारित है। मास्टर्स ऑफ जनरल सर्जरी तीन साल का प्रोग्राम है। औसत मास्टर ऑफ सर्जरी कोर्स की फीस 50,000 रुपये से लेकर 1.1 करोड़ रुपये के बीच होती है।
4) रेडियोलॉजी में एमडी (MD in Radiology) -
रेडियोलॉजी चिकित्सा विज्ञान से संबंधित है, जिसमें सीटी स्कैन, एमआरआई, पीईटी स्कैन और एक्स-रे की सहायता से समस्या का पता लगाया जाता है। एमबीबीएस की डिग्री, इंटर्नशिप और नीट पीजी प्रवेश परीक्षा में सफल कैंडिडेट रेडियोलॉजी में डॉक्टर ऑफ मेडिसिन कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं। पाठ्यक्रम शुल्क 40 हजार रुपये प्रति वर्ष से 8 लाख रुपये प्रति वर्ष है। एमडी रेडियोलॉजी की डिग्री रखने वाले उम्मीदवारों का वेतन आमतौर पर 18 से 20 लाख रुपये प्रतिवर्ष होता है।
5) ऑर्थोपेडिक्स में एमएस (MS in Orthopedics) -
भारत में बढ़ती हुई बुजुर्ग आबादी और चोटों के बढ़ने के साथ ऑर्थोपेडिक सर्जनों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऑर्थोपेडिक सर्जरी में मस्कुलोस्केलेटल सिस्टम से संबंधित सर्जरी शामिल है, जिसमें हड्डियां, जोड़, स्नायुबंधन और टेंडन शामिल हैं। एमसीआई द्वारा मान्यता प्राप्त किसी भी कॉलेज या विश्वविद्यालय से कम से कम 55% अंकों के साथ एमबीबीएस की डिग्री, 1 साल का इंटर्नशिप तथा नीट पीजी परीक्षा उत्तीर्ण कैंडिडेट एमएस ऑर्थोपेडिक्स में दाखिला ले सकते हैं। पाठ्यक्रम शुल्क 10 लाख से 60 लाख रुपये प्रति वर्ष है। बता दें, एमडी/एमएस मेडिकल कोर्स की फीस सभी संस्थानों में अलग-अलग होती है।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- IIM Lucknow: आईआईएम लखनऊ ने फैमिली बिजनेस में एमबीए प्रोग्राम लॉन्च किया, पहला बैच जुलाई 2027 में, फीस जानें
- IRIS 2026: 27 क्षेत्रों के 54 स्कॉलर्स को मिला फैकल्टी रिसर्च अवार्ड; आईआईटी, एम्स, आईआईएम के शोधकर्ता शामिल
- IRIS 2026: इंडिया रिसर्च एंड इम्पैक्ट समिट 1 अक्टूबर को, नीति आयोग सदस्य समेत कई दिग्गज एजुकेटर्स होंगे शामिल
- UPSC Mains Marks: केंद्रीय सूचना आयोग ने यूपीएससी मेंस के अंकों का विवरण प्रकाशित करने की सिफारिश की
- JEE Advanced: जेईई-एडवांस्ड में 3 प्रयास की मांग तेज, 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने मंत्रालय को दिया प्रतिवेदन
- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार