भारत में 33 लाख से अधिक छात्र एकल-शिक्षक स्कूलों पर निर्भर, उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक नामांकन
Santosh Kumar | October 13, 2025 | 11:57 AM IST | 2 mins read
एकल शिक्षक वाले स्कूलों की संख्या 2022-23 के 1,18,190 से घटकर 2023-24 में 1,10,971 हो गई, जो लगभग 6 प्रतिशत की गिरावट है।
नई दिल्ली: देश भर में एक लाख से अधिक एकल-शिक्षक विद्यालयों में 33 लाख से अधिक छात्र नामांकित हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आंध्र प्रदेश में ऐसे विद्यालयों की संख्या सबसे अधिक है, जबकि उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक नामांकन है। शिक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में, देश में 1,04,125 एकल-शिक्षक विद्यालय हैं, जिनमें 33,76,769 छात्र नामांकित हैं। यानी औसतन, प्रत्येक विद्यालय में लगभग 34 छात्र थे।
आरटीई 2009 के अनुसार, कक्षा 1-5 के लिए छात्र-शिक्षक अनुपात 30:1 और कक्षा 6-8 के लिए 35:1 होना चाहिए। देश में एकल-शिक्षक विद्यालयों की संख्या सबसे अधिक आंध्र प्रदेश में है, जबकि छात्र नामांकन के मामले में यूपी शीर्ष पर है।
आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश के बाद झारखंड, पश्चिम बंगाल और मध्यप्रदेश का स्थान है। एकल शिक्षक वाले स्कूलों की संख्या 2022-23 के 1,18,190 से घटकर 2023-24 में 1,10,971 हो गई, जो लगभग 6 प्रतिशत की गिरावट है।
Single-Teacher Schools: अधिकारी ने क्या कहा?
अधिकारी ने कहा, ‘‘एकल शिक्षक वाले स्कूल शिक्षण प्रक्रिया को बाधित करते हैं इसलिए शिक्षकों की उपलब्धता के लिए शून्य छात्र नामांकन वाले स्कूलों से एकल शिक्षक वाले स्कूलों में शिक्षकों को तैनात करने के प्रयास किए जा रहे हैं।’’
अधिकारी ने कहा, "प्रति स्कूल छात्रों की अधिक संख्या स्कूल के बुनियादी ढांचे के इष्टतम उपयोग को दर्शाती है और सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए कम नामांकन वाले स्कूलों को वर्तमान में विलय किया जा रहा है।"
Single-Teacher Schools: एकल-शिक्षक विद्यालयों का विवरण
पुडुचेरी, लद्दाख, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, और चंडीगढ़ जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में एकल-शिक्षक विद्यालय नहीं हैं। नीचे दी गई तालिका एकल-शिक्षक विद्यालयों की संख्या का विवरण दिया गया है-
|
राज्य/संघ क्षेत्र |
एकल-शिक्षक स्कूलों की संख्या |
|---|---|
|
आंध्र प्रदेश |
12,912 |
|
उत्तर प्रदेश |
9,508 |
|
झारखंड |
9,172 |
|
महाराष्ट्र |
8,152 |
|
कर्नाटक |
7,349 |
|
लक्षद्वीप |
7,217 |
|
मध्यप्रदेश |
7,217 |
|
पश्चिम बंगाल |
6,482 |
|
राजस्थान |
6,117 |
|
छत्तीसगढ़ |
5,973 |
|
तेलंगाना |
5,001 |
|
दिल्ली |
9 |
|
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह |
4 |
एकल-शिक्षक स्कूलों में छात्र नामांकन
नीचे दी गई तालिका में एकल-शिक्षक स्कूलों में छात्र नामांकन का विवरण दिया गया है-
|
राज्य |
एकल-शिक्षक स्कूलों में छात्र नामांकन |
|---|---|
|
उत्तर प्रदेश |
6,24,327 |
|
झारखंड |
4,36,480 |
|
पश्चिम बंगाल |
2,35,494 |
|
मध्यप्रदेश |
2,29,095 |
|
कर्नाटक |
2,23,142 |
|
आंध्र प्रदेश |
1,97,113 |
|
राजस्थान |
1,72,071 |
प्रति विद्यालय औसत छात्र नामांकन के मामले में चंडीगढ़ और दिल्ली में प्रति विद्यालय छात्रों की संख्या क्रमशः 1,222 और 808 के साथ सबसे अधिक है। वहीं दूसरी ओर, लद्दाख, मिज़ोरम, मेघालय और हिमाचल प्रदेश में प्रति स्कूल नामांकन दर काफ़ी कम है, जो क्रमशः 59, 70, 73 और 82 है।
इनपुट्स-पीटीआई
अगली खबर
]BSEB Inter Exam 2027: बीएसईबी इंटर परीक्षा पंजीकरण डेट कक्षा 11 में पढ़ रहे छात्रों के लिए 24 अक्टूबर तक बढ़ी
स्कूल प्रमुख आधिकारिक वेबसाइट biharboardexam.com के माध्यम से बीएसईबी कक्षा 11 पंजीकरण फॉर्म भर सकते हैं। बिहार बोर्ड ने अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की है।
Santosh Kumar | 2 mins readविशेष समाचार
]- JEE Main 2026 Session 2: जेईई मेन सेशन 2 के लिए परसेंटाइल, रॉ मार्क्स व नॉर्मलाइजेशन का सरल विश्लेषण जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी भोपाल में बीटेक प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक होने चाहिए; जानें कटऑफ, फीस, पैकेज
- JEE Main 2026 Cutoff for General Category: जेईई मेन 2026 के लिए सामान्य कैटेगरी की अपेक्षित कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी पटना के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- JEE Main 2026: एनआईटी इलाहाबाद में प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक चाहिए? पात्रता, फीस और कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी दिल्ली के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी, ‘लाडू’, ‘रोटलो’ और ‘मोटो बापो’ जैसे स्थानीय शब्द होंगे शामिल
- राजस्थान में 7,000+ कम नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने जताया विरोध
- अगले 5 साल में 10 अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने की योजना, आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने दी जानकारी
- राज्यसभा में कांग्रेस सदस्य ने की हर स्कूल में छात्राओं के लिए अलग शौचालय सुनिश्चित करने की मांग