समुद्री क्षेत्र की नौकरियों के लिए 50,000 युवाओं को किया जाएगा प्रशिक्षित - केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल

Press Trust of India | July 8, 2025 | 09:33 AM IST | 2 mins read

सरकार का लक्ष्य अगले दशक में पूर्वोत्तर राज्यों के 50,000 युवाओं को समुद्री क्षेत्र से जुड़े कौशल में प्रशिक्षित करना है, जिससे उन्हें इस बढ़ते क्षेत्र में रोजगार के अवसर सुनिश्चित होंगे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गुवाहाटी में एमएसडीसी और डिब्रूगढ़ में स्थापित उत्कृष्टता केंद्र से सालाना 500 नौकरियां सृजित होने की संभावना है। (स्त्रोत-एक्स/@sarbanandsonwal)

गुवाहाटी: केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोमवार (7 जुलाई, 2025) को कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों के 50,000 युवाओं को अगले 10 वर्षों में समुद्री (मैरीटाइम) क्षेत्र की नौकरियों के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस क्षेत्र में जलमार्ग से संबंधित परियोजना विकसित करने के लिए 5,000 करोड़ रुपए का निवेश करने पर विचार कर रही है। एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री ने देश भर में और साथ ही पूर्वोत्तर में जलमार्गों को विकसित करने के लिए ‘मैरीटाइम इंडिया विजन 2030’ के हिस्से के रूप में शुरू की गई कई पहलों की घोषणा की।

सोनोवाल ने कहा, ‘‘पिछले 11 वर्षों में मंत्रालय ने माल प्रबंधन, क्षमता और तटीय परिवहन में रिकॉर्ड वृद्धि के साथ भारत के समुद्री क्षेत्र को बदल दिया है। प्रमुख बंदरगाहों ने अपनी क्षमता लगभग दोगुनी कर ली है और महत्वाकांक्षी नए टर्मिनलों के साथ क्रूज पर्यटन बढ़ रहा है।’’

उन्होंने कहा कि भारत 2030 तक जहाज का निर्माण करने वाले दुनिया के शीर्ष 10 देशों में शामिल होने और 2047 तक इस मामले में शीर्ष पांच देशों में शामिल होने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। सोनोवाल ने कहा, ‘‘सरकार का लक्ष्य अगले दशक में पूर्वोत्तर के 50,000 युवाओं को समुद्री क्षेत्र से जुड़े कौशल में प्रशिक्षित करना है, जिससे उन्हें इस बढ़ते क्षेत्र में रोजगार के अवसर सुनिश्चित होंगे। गुवाहाटी में समुद्री कौशल विकास केंद्र (एमएसडीसी) और डिब्रूगढ़ में स्थापित किए जाने वाले आगामी उत्कृष्टता केंद्र का उद्देश्य इस परिवर्तन को गति देना है।’’

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केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि उत्कृष्टता केंद्र को 200 करोड़ रुपए के निवेश से विकसित किया जाएगा और दोनों केंद्रों से सालाना 500 नौकरियां सृजित होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि उनके मंत्रालय ने पिछले दो वर्षों में पूर्वोत्तर के अंतर्देशीय जलमार्ग क्षेत्र में 1,000 करोड़ रुपए की परियोजनाएं शुरू की हैं, जिनमें से 300 करोड़ रुपए मूल्य के कार्य पूरे हो चुके हैं और 700 करोड़ रुपये मूल्य के कार्य 2025 तक पूरे होने की उम्मीद है।

उन्होंने यह भी कहा कि गुवाहाटी में बोगीबील, बिस्वनाथ, सिलघाट और पांडु में ब्रह्मपुत्र के तट पर चार लाइटहाउस बनाए जाएंगे और उन्हें मौसम की जानकारी देने के अलावा पर्यटन स्थल भी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि व्यवहार्यता अध्ययनों में पाया गया है कि गुवाहाटी, तेजपुर और डिब्रूगढ़ में जल मेट्रो चलाना अनुकूल है और केंद्रीय योजनाओं के तहत क्रूज जहाजों की खरीद की जा रही है।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि अन्य प्रमुख पहलों में 2025 तक राष्ट्रीय जलमार्ग-2 और 16 पर जर्मन फर्म रेनस द्वारा संचालित माल ढुलाई करने वाली 100 मोटर नौकाओं की तैनाती, तथा ब्रह्मपुत्र में साल भर नौवहन सुनिश्चित करने के लिए 610 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 10 उभयचर और ‘कटर सक्शन ड्रेजर’ की तैनाती शामिल है। सोनोवाल ने स्थानीय संपर्क को बेहतर बनाने के लिए पूर्वोत्तर में 85 सामुदायिक घाट (जेटी) विकसित करने की योजना की भी घोषणा की।

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