Santosh Kumar | April 21, 2026 | 02:00 PM IST | 2 mins read
केवीएस में एडमिशन की पूरी प्रक्रिया एक कम्प्यूटराइज्ड लॉटरी सिस्टम पर आधारित है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 20 मार्च से 2 अप्रैल तक किया गया।

नई दिल्ली: केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) ने आज शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बालवाटिका (बालवाटिका-1, 2 और 3) और कक्षा 1 में दाखिले के लिए तीसरी प्रोविजनल लॉटरी के नतीजे जारी कर दिए हैं। अभिभावक अब आधिकारिक पोर्टल admission.kvs.gov.in पर जाकर अपने बच्चे की चयन सूची या प्रतीक्षा सूची की स्थिति आसानी से देख सकते हैं। ये नतीजे उन सभी उम्मीदवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, जिनकी सीटें पहले दो राउंड के दौरान खाली रह गई थीं।
केवीएस में एडमिशन की पूरी प्रक्रिया एक कम्प्यूटराइज्ड लॉटरी सिस्टम पर आधारित है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 20 मार्च से 2 अप्रैल तक किया गया। पहली प्रोविजनल लिस्ट 8 अप्रैल को बालवाटिका के लिए और 9 अप्रैल को क्लास 1 के लिए जारी की गई।
दूसरी सूची 16 अप्रैल को जारी की गई। आज जारी की गई तीसरी सूची, शेष खाली सीटों को भरने का अंतिम अवसर है। केवीएस थर्ड लॉटरी रिजल्ट देखने के लिए अभिभावकों को पोर्टल admission.kvs.gov.in पर लॉग इन करना होगा।
स्टेटस चेक करने के लिए, लॉगिन कोड, बच्चे की जन्मतिथि और मोबाइल नंबर डालें। पीडीएफ डाउनलोड करने के लिए राज्य, क्लास (बालवाटिका या क्लास 1) और संबंधित केंद्रीय विद्यालय चुनें। अब पीडीएफ दिखेगी, उसे चेक करें।
यह लॉटरी आरटीई कोटे, सेवा प्राथमिकता श्रेणियों (श्रेणी 1 और 2), और सामान्य श्रेणी की बची हुई सीटों के लिए आयोजित की गई है। केवीएस के नियमों के अनुसार, लॉटरी रिजल्ट जारी होने के बाद भी दस्तावेजों का सत्यापन अनिवार्य है।
सूची में नाम शामिल होने मात्र से ही प्रवेश की गारंटी नहीं मिलती। चयनित अभिभावकों को संबंधित केंद्रीय विद्यालय से संपर्क करना चाहिए। प्रवेश की पुष्टि दस्तावेजों के सत्यापन और अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद ही की जाएगी।
यदि सीटें फिर भी खाली रह जाती हैं, तो 22 से 26 अप्रैल तक ऑफ़लाइन पंजीकरण का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। जारी अधिसूचना के अनुसार, कक्षा XI को छोड़कर, सभी कक्षाओं में प्रवेश की अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित की गई है।
अब सभी छात्र बेसब्री से अपने नतीजों का इंतज़ार कर रहे हैं। हालांकि बोर्ड ने अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स और पिछले सालों के रुझानों से पता चलता है कि नतीजे अप्रैल के आखिर तक या मई के पहले हफ़्ते में जारी होने की संभावना है।
Santosh Kumar