JEE Main 2025 Shift 2 Analysis: जेईई मेन अप्रैल 2 शिफ्ट 2 केमिस्ट्री का पेपर आसान, फिजिक्स, मैथ्स मध्यम कठिन

Santosh Kumar | April 2, 2025 | 08:38 PM IST | 2 mins read

जेईई मेन शिफ्ट 2 आंसर की जल्द ही विशेषज्ञों और कोचिंग संस्थानों द्वारा जारी की जाएगी। जनवरी सत्र की तुलना में शिफ्ट 1 का पेपर आसान रहा।

JEE Main 2026 Rank Predictor

Use the JEE Main 2026 Rank Predictor to estimate your expected rank based on your scores or percentile and plan your college options smartly.

Try Now
छात्रों के अनुसार, एनटीए जेईई मेन मेन शिफ्ट 2 के पेपर का कठिनाई स्तर मध्यम से कठिन था। (इमेज-करियर्स360)

नई दिल्ली: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने आज यानी 2 अप्रैल को जेईई मेन 2025 सेशन 2 की परीक्षा का पहला दिन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। एनटीए ने जेईई मेन 2025 सेशन 2 शिफ्ट 2 की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित की। एनटीए देश भर के विभिन्न शहरों और भारत के बाहर 15 शहरों में स्थित विभिन्न केंद्रों पर जेईई परीक्षा आयोजित कर रहा है। छात्रों के अनुसार, एनटीए जेईई मेन शिफ्ट 2 के पेपर का कठिनाई स्तर मध्यम से कठिन रहा।

जेईई मेन 2025 अप्रैल 2 शिफ्ट 2 आंसर की जल्द ही विशेषज्ञों और कोचिंग संस्थानों द्वारा जारी की जाएगी। परीक्षा देने वाले छात्र भी पेपर के अपने अनुभव और फीडबैक साझा करेंगे। जनवरी सत्र की तुलना में शिफ्ट 1 का पेपर आसान रहा।

JEE Main 2025 Shift 2 Analysis: कठिनाई स्तर के मामले में मध्यम

आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड के अनुसार, 2 अप्रैल की शाम की पाली में आयोजित जेईई मेन 2025 सेशन 2 का पेपर कठिनाई स्तर के मामले में मध्यम था। पेपर संतुलित और अच्छी तरह से डिज़ाइन किया गया था।

परीक्षा के तीन विषयों में से रसायन विज्ञान सबसे आसान था, भौतिकी मध्यम कठिनाई वाली थी, जबकि गणित सबसे चुनौतीपूर्ण विषय था। प्रश्नों का वितरण आम तौर पर संतुलित था, लेकिन कुछ अध्यायों से अधिक प्रश्न पूछे गए थे।

Also read JEE Main 2025 Live: जेईई मेन अप्रैल 2 शिफ्ट 1, 2 एनालिसिस जारी; डाउनलोड क्वेश्चन पेपर, आंसर की, कटआफ जानें

JEE Main 2025 Shift 2 Difficulty Level: जेईई मेन विषयवार विश्लेषण

अधिकांश छात्रों ने भौतिकी को मध्यम रूप से कठिन पाया। यांत्रिकी, इलेक्ट्रोस्टैटिक्स, ऑप्टिक्स और इकाइयों और मापों में अधिक प्रश्न थे, जबकि आधुनिक भौतिकी, ऊष्मागतिकी, तरंगें और चुंबकत्व में कम प्रश्न थे। EMI और AC से कोई प्रश्न नहीं थे।

छात्रों को रसायन विज्ञान आसान लगा। ऑर्गेनिक और फिजिकल केमिस्ट्री पर ज़्यादा ज़ोर था। इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री में कम सवाल थे। ज़्यादातर सवाल सीधे NCERT से थे, जिससे यह सेक्शन उम्मीदवारों के लिए आसान हो गया।

गणित का स्तर मध्यम से कठिन था। कुछ प्रश्न लंबे और समय लेने वाले थे। मैट्रिक्स, परम्यूटेशन, कॉम्बिनेशन, 3डी ज्योमेट्री, वेक्टर, कोनिक सेक्शन और कैलकुलस में अधिक प्रश्न थे। कुछ प्रश्न कठिन भी थे, जिससे यह सबसे चुनौतीपूर्ण खंड रहा।

MakeCAREERS360
My Trusted Source
Add as a preferred source on google
[

विशेष समाचार

]
[

नवीनतम शिक्षा समाचार

]