JEE Main 2025 Shift 2 Analysis: जेईई मेन अप्रैल 2 शिफ्ट 2 केमिस्ट्री का पेपर आसान, फिजिक्स, मैथ्स मध्यम कठिन
Santosh Kumar | April 2, 2025 | 08:38 PM IST | 2 mins read
जेईई मेन शिफ्ट 2 आंसर की जल्द ही विशेषज्ञों और कोचिंग संस्थानों द्वारा जारी की जाएगी। जनवरी सत्र की तुलना में शिफ्ट 1 का पेपर आसान रहा।
Boost your JEE Main preparation with the Last 5 Years Analysis (2026–2022). Discover chapter-wise trends, difficulty levels & high-weightage topics.
Try Nowनई दिल्ली: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने आज यानी 2 अप्रैल को जेईई मेन 2025 सेशन 2 की परीक्षा का पहला दिन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। एनटीए ने जेईई मेन 2025 सेशन 2 शिफ्ट 2 की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित की। एनटीए देश भर के विभिन्न शहरों और भारत के बाहर 15 शहरों में स्थित विभिन्न केंद्रों पर जेईई परीक्षा आयोजित कर रहा है। छात्रों के अनुसार, एनटीए जेईई मेन शिफ्ट 2 के पेपर का कठिनाई स्तर मध्यम से कठिन रहा।
JEE Main 2027: Session 1 Registration Link | Chapter Wise Weightage | Most Scoring Topics
Sample Papers 2027: Physics | Chemistry | Maths | PYQ's (2017-26) | Test Series | Score Booster
Most Repeated Ques: Physics | Chemistry | Maths - Master Guide: Chemistry | Maths
Guide 2027: IIT's | NIT's | IIIT's | Fees & Cutoffs 2026-27: IIT's | NIT's | IIIT's
जेईई मेन 2025 अप्रैल 2 शिफ्ट 2 आंसर की जल्द ही विशेषज्ञों और कोचिंग संस्थानों द्वारा जारी की जाएगी। परीक्षा देने वाले छात्र भी पेपर के अपने अनुभव और फीडबैक साझा करेंगे। जनवरी सत्र की तुलना में शिफ्ट 1 का पेपर आसान रहा।
JEE Main 2025 Shift 2 Analysis: कठिनाई स्तर के मामले में मध्यम
आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड के अनुसार, 2 अप्रैल की शाम की पाली में आयोजित जेईई मेन 2025 सेशन 2 का पेपर कठिनाई स्तर के मामले में मध्यम था। पेपर संतुलित और अच्छी तरह से डिज़ाइन किया गया था।
परीक्षा के तीन विषयों में से रसायन विज्ञान सबसे आसान था, भौतिकी मध्यम कठिनाई वाली थी, जबकि गणित सबसे चुनौतीपूर्ण विषय था। प्रश्नों का वितरण आम तौर पर संतुलित था, लेकिन कुछ अध्यायों से अधिक प्रश्न पूछे गए थे।
JEE Main 2025 Shift 2 Difficulty Level: जेईई मेन विषयवार विश्लेषण
अधिकांश छात्रों ने भौतिकी को मध्यम रूप से कठिन पाया। यांत्रिकी, इलेक्ट्रोस्टैटिक्स, ऑप्टिक्स और इकाइयों और मापों में अधिक प्रश्न थे, जबकि आधुनिक भौतिकी, ऊष्मागतिकी, तरंगें और चुंबकत्व में कम प्रश्न थे। EMI और AC से कोई प्रश्न नहीं थे।
छात्रों को रसायन विज्ञान आसान लगा। ऑर्गेनिक और फिजिकल केमिस्ट्री पर ज़्यादा ज़ोर था। इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री में कम सवाल थे। ज़्यादातर सवाल सीधे NCERT से थे, जिससे यह सेक्शन उम्मीदवारों के लिए आसान हो गया।
गणित का स्तर मध्यम से कठिन था। कुछ प्रश्न लंबे और समय लेने वाले थे। मैट्रिक्स, परम्यूटेशन, कॉम्बिनेशन, 3डी ज्योमेट्री, वेक्टर, कोनिक सेक्शन और कैलकुलस में अधिक प्रश्न थे। कुछ प्रश्न कठिन भी थे, जिससे यह सबसे चुनौतीपूर्ण खंड रहा।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- IIM Lucknow: आईआईएम लखनऊ ने फैमिली बिजनेस में एमबीए प्रोग्राम लॉन्च किया, पहला बैच जुलाई 2027 में, फीस जानें
- IRIS 2026: 27 क्षेत्रों के 54 स्कॉलर्स को मिला फैकल्टी रिसर्च अवार्ड; आईआईटी, एम्स, आईआईएम के शोधकर्ता शामिल
- IRIS 2026: इंडिया रिसर्च एंड इम्पैक्ट समिट 1 अक्टूबर को, नीति आयोग सदस्य समेत कई दिग्गज एजुकेटर्स होंगे शामिल
- UPSC Mains Marks: केंद्रीय सूचना आयोग ने यूपीएससी मेंस के अंकों का विवरण प्रकाशित करने की सिफारिश की
- JEE Advanced: जेईई-एडवांस्ड में 3 प्रयास की मांग तेज, 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने मंत्रालय को दिया प्रतिवेदन
- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार