Santosh Kumar | October 26, 2026 | 10:39 AM IST | 1 min read
विश्वविद्यालय प्रशासन ने आज जारी एक आदेश में घोषणा की कि 'जामिया मिल्लिया इस्लामिया छात्र संघ' (जेएमआईएसयू) के संविधान को मंजूरी मिलने की डेट से 15 दिनों के भीतर चुनाव कराए जाएंगे।

नई दिल्ली: जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में लगभग दो दशकों के बाद छात्र संघ चुनाव कराने का रास्ता साफ हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आज जारी एक आदेश में घोषणा की कि 'जामिया मिल्लिया इस्लामिया छात्र संघ' (जेएमआईएसयू) के संविधान को मंजूरी मिलने की डेट से 15 दिनों के भीतर चुनाव कराए जाएंगे। यह फैसला छात्रों द्वारा लगभग दो सप्ताह तक लगातार किए गए विरोध-प्रदर्शन और भूख हड़ताल के बाद लिया गया है।
जामिया ने निर्देश दिया कि छात्र संघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिनों के भीतर छात्र संघ चुनाव कराए जाएं। साथ ही, चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों को दिए गए निलंबन और 'कारण बताओ' नोटिस को भी रद्द कर दिया गया है।
रजिस्ट्रार मो. महताब आलम रिज़वी द्वारा जारी इस आदेश में एक समिति बनाने का भी प्रावधान है, जो विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मचारियों के बर्ताव की जांच करेगी। जेएमआई ने आधिकारिक एक्स हैंडल पर आदेश जारी किया है।
छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। वे जामिया में चुनी हुई छात्र यूनियन को बहाल करने, चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को वापस लेने की मांग कर रहे थे।
छात्र यूनियन के आखिरी चुनाव 2005 में हुए , और हिंसा तथा शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा डालने के आरोपों के बाद 2006 में यूनियन को भंग कर दिया गया था। तब से, विश्वविद्यालय में छात्रों का कोई भी चुना हुआ प्रतिनिधि नहीं रहा है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान के अनुसार, शिमला, टांडा, हमीरपुर, मंडी, नाहन और चंबा स्थित मेडिकल कॉलेजों को मिली इस मंजूरी का उद्देश्य राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा का विस्तार करना और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में सुधार करना है।
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