Santosh Kumar | October 22, 2026 | 02:22 PM IST | 1 min read
इस वर्ष के दीक्षांत समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि होंगे, और इसकी अध्यक्षता डीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह करेंगे।

नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) का 103वां दीक्षांत समारोह 20 नवंबर को आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष के दीक्षांत समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि होंगे, और इसकी अध्यक्षता डीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह करेंगे। इस कार्यक्रम की तैयारियों के सिलसिले में, कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने 21 अक्टूबर को संबंधित अधिकारियों के साथ एक बैठक की, जिसमें व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में डीयू के रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता, परीक्षा नियंत्रक गुरप्रीत सिंह टुटेजा, कल्चर काउंसिल के अध्यक्ष अनूप लाथर, डीन (अकादमिक) प्रो. के. रत्नाबली के साथ-साथ विभिन्न समितियों के समन्वयक और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय के इतिहास में यह पहली बार है जब छात्रों को उनकी पढ़ाई पूरी होने वाले वर्ष में ही डिग्री प्रदान की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि अक्सर विद्यार्थियों को अपनी डिग्री पूर्ण करने के पश्चात विदेशों में आगे की पढ़ाई अथवा नौकरी में जाने के लिए उसी वर्ष डिग्री की जरूरत होती है। ऐसे में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए उसी वर्ष डिग्री प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
कुलपति ने बताया कि 85,231 यूजी छात्रों, 7,235 पीजी छात्रों और 400 से अधिक पीएचडी स्कॉलर्स को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। इसके अलावा, 163 छात्रों को स्वर्ण पदक, एक छात्र को रजत पदक और 34 छात्रों को अन्य पुरस्कार दिए जाएंगे।
छात्रसंघ बहाल करने की मांग को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। विश्वविद्यालय ने एक बयान में कहा कि समिति में वरिष्ठ डीन और प्रोफेसर शामिल हैं। यह समिति प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत करके उनकी शिकायतों का समाधान करने और परिसर में शांति सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाएगी।
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