Press Trust of India | October 27, 2026 | 09:43 AM IST | 2 mins read
विश्वविद्यालय के मुख्य प्रॉक्टर ने 26 अक्टूबर को जारी नोटिस में कहा कि सक्षम प्राधिकारी ने प्रदर्शनकारियों की मांगों के चार्टर को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी।

नई दिल्ली: जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे प्रथम सेमेस्टर के एक छात्र को सोमवार को अंतिम नोटिस जारी कर विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर को तत्काल खाली करने का निर्देश दिया। विश्वविद्यालय ने ऐसा नहीं करने पर अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। रेहान खान उन दो छात्रों में शामिल हैं, जिन्होंने सोमवार को भी भूख हड़ताल जारी रखी।
विश्वविद्यालय ने छात्र संघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन के भीतर चुनाव कराने की घोषणा की। रेहान खान ने दिन में कहा था कि विश्वविद्यालय ने संविधान को मंजूरी देने के लिए कोई समयसीमा तय नहीं की है।
रेहान ने इसके लिए एक निश्चित समयसीमा निर्धारित करने की मांग की। विश्वविद्यालय के मुख्य प्रॉक्टर ने 26 अक्टूबर को जारी नोटिस में कहा कि सक्षम प्राधिकारी ने प्रदर्शनकारियों की मांगों के चार्टर को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी।
नोटिस में बताया गया है कि इसके बाद अधिकतर प्रदर्शनकारियों ने भूख हड़ताल समाप्त कर दी, विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया और उत्तरी परिसर में राजनीति विज्ञान एवं अर्थशास्त्र विभागों की इमारतों के साथ-साथ धरना स्थल भी खाली कर दिया।
मुख्य प्रॉक्टर ने कहा कि हालांकि, रेहान खान ने सुबह 4 बजकर 15 मिनट पर जारी नोटिस के बावजूद धरना और भूख हड़ताल कथित तौर पर जारी रखी। अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने रेहान खान से मुलाकात की।
वरिष्ठ संकाय सदस्यों और विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने रेहान खान से तीन घंटे से अधिक समय तक भूख हड़ताल समाप्त करने तथा विरोध प्रदर्शन वापस लेने के लिए मनाने की कोशिश की लेकिन उन्होंने उनकी अपील नहीं मानी।
नोटिस में विश्वविद्यालय ने रेहान पर विश्वविद्यालय के आदेश और आपसी सहमति से तय शर्तों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। विश्वविद्यालय ने कहा कि रेहान खान के कदमों से संकेत मिलता है कि वह इस मुद्दे को बनाए रखना चाहते हैं।