शिक्षा मंत्री प्रधान को हटाने की मांग पर भारतीय युवा कांग्रेस का देशव्यापी प्रदर्शन, कई राज्यों में आंदोलन
Santosh Kumar | June 2, 2026 | 12:19 PM IST | 2 mins read
कांग्रेस का देशव्यापी प्रदर्शन महाराष्ट्र, तेलंगाना, असम, हरियाणा, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात, पंजाब और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में चलाया जाएगा।
नई दिल्ली: भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर देशव्यापी आंदोलन तेज करने की घोषणा की है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाए जाने की अपनी मांग दोहराई है। कांग्रेस की युवा इकाई ने कहा कि वह कई राज्यों में विरोध प्रदर्शनों का नया चरण शुरू करेगी जिसके तहत मशाल जुलूस निकाले जाएंगे, छात्रों से संपर्क करने के कार्यक्रम चलाए जाएंगे और प्रदर्शन एवं घेराव किया जाएगा।
संगठन ने कहा कि परीक्षाओं संबंधी पैदा होने वाले विवादों से शिक्षा व्यवस्था में छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है। भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब इस अभियान का नेतृत्व करने के लिए कई राज्यों का दौरा करेंगे।
भारतीय युवा कांग्रेस का प्रदर्शन कई राज्यों में
शिक्षा मंत्री प्रधान को हटाने की मांग पर भारतीय युवा कांग्रेस का देशव्यापी प्रदर्शन महाराष्ट्र, तेलंगाना, असम, हरियाणा, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात, पंजाब और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में चलाया जाएगा।
भारतीय युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया कि विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने, परीक्षा संबंधी अनियमितताएं होने और प्रशासनिक चूक के कारण छात्रों को बार-बार परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
'छात्र रोजगार, न्याय व जवाबदेही के हकदार'
संगठन ने परीक्षाएं कराने से जुड़ी कथित रूप से संदिग्ध संस्थाओं को ठेके दिए जाने संबंधी खबरों पर भी चिंता जताई। भारतीय युवा कांग्रेस के प्रभारी मनीष शर्मा ने बयान में कहा, ''इस देश के छात्र रोजगार, न्याय और जवाबदेही के हकदार हैं।
इसके बजाय उन्हें प्रश्नपत्र लीक, अनिश्चितता और चरमराई हुई परीक्षा व्यवस्था मिली है।'' उन्होंने कहा कि संगठन अपना विरोध प्रदर्शन ''तब तक जारी रखेगा, जब तक जवाबदेही तय नहीं होती और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को हटाया नहीं जाता।''
धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की मांग तेज
उदय भानु चिब ने सरकार पर छात्रों की चिंताओं को दूर करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने एवं अनियमितताओं के कारण युवा अभ्यर्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल असर डाला है।
उन्होंने कहा, ''अब हम इस आंदोलन को पूरे देश में तेज कर रहे हैं। हम तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने के लिए मजबूर नहीं हो जाते।''
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ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) के कार्यकर्ता इस प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शन में नीट, सीयूईटी, एसएससी और सीबीएसई जैसी परीक्षाओं में अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग की गई।
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