Santosh Kumar | October 8, 2026 | 05:38 PM IST | 2 mins read
यह सहयोग उभरते और रणनीतिक रूप से अहम क्षेत्रों में रिसर्च को बढ़ावा देगा, जिनमें सस्टेनेबल डेवलपमेंट, क्लीन एनर्जी, सर्कुलर इकोनॉमी, पानी और वेस्ट-वॉटर मैनेजमेंट, और जरूरी मिनरल्स शामिल हैं।

कैलगरी: आईआईटी रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलगरी ने एक जॉइंट डॉक्टोरल डिग्री प्रोग्राम के लिए समझौता किया है। यह दोनों संस्थानों के बीच एकेडमिक और रिसर्च सहयोग को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। इस समझौते पर कनाडा के कैलगरी में आयोजित एक समारोह में औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए गए।
संयुक्त डॉक्टरेट डिग्री प्रोग्राम को एकेडमिक आदान-प्रदान को गहरा करने, मिलकर रिसर्च को मजबूत करने और ग्लोबल स्तर पर काम आने वाली टेक्नोलॉजी के विकास को बढ़ावा देने के एक मंच के तौर पर देखा जा रहा है।
यह सहयोग उभरते और रणनीतिक रूप से अहम क्षेत्रों में रिसर्च को बढ़ावा देगा, जिनमें सस्टेनेबल डेवलपमेंट, क्लीन एनर्जी, सर्कुलर इकोनॉमी, पानी और वेस्ट-वॉटर मैनेजमेंट, और जरूरी मिनरल्स शामिल हैं।
इसके अलावा, भारत के तेजी से बढ़ते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम से जुड़ी टेक्नोलॉजी में भी रिसर्च को बढ़ावा दिया जाएगा। यह पार्टनरशिप रिसर्च को टेक्नोलॉजी-आधारित समाधानों में बदलने पर खास ज़ोर देती है।
संयुक्त डॉक्टरेट डिग्री प्रोग्राम के जरिए, रिसर्च करने वालों को जॉइंट सुपरविजन, अलग-अलग विषयों की रिसर्च से जुड़ने का मौका और दोनों संस्थानों के एकेडमिक और रिसर्च इकोसिस्टम तक पहुंच का फायदा मिलेगा।
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कैलगरी में आयोजित इस समारोह में आईआईटी रुड़की के डायरेक्टर प्रो. के.के. पंत; इंटरनेशनल रिलेशंस के डीन प्रो. करुण रावत; एकेडमिक अफेयर्स के डीन प्रो. नवीन नवानी; प्रो. सिद्धार्थ खरे; और प्रो. कोमल त्रिपाठी मौजूद रहे।
यूनिवर्सिटी ऑफ कैलगरी की ओर से डॉ. सैंड्रा डेविडसन (प्रो. और वाइस-प्रोवोस्ट - एकेडमिक), डॉ. तारा बीटी (प्रो. और डीन - फैकल्टी ऑफ ग्रेजुएट स्टडीज), डॉ. एंडर्स नाइग्रेन (डीन - शुलिच स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग) और अन्य शामिल हुए।
आईआईटी रुड़की के निदेशक ने कहा, “यह संयुक्त डॉक्टरेट उपाधि कार्यक्रम आईआईटी रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलगरी के बीच अधिक गहरी और रणनीतिक शैक्षणिक साझेदारी के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"
यूनिवर्सिटी ऑफ कैलगरी की प्राध्यापक डॉ. सैंड्रा डेविडसन ने कहा, "यह डॉक्टरेट विद्यार्थियों तथा संकाय सदस्यों के लिए एक साथ सीखने, खोज करने और महत्वपूर्ण अनुसंधान प्रश्नों का समाधान करने के सार्थक अवसर सृजित करेगा।”
फैकल्टी रिसर्च अवार्ड्स के तीसरे एडिशन के लिए, इन 27 क्षेत्रों से 54 रिसर्चर्स को चुना गया। इनमें से 26 क्षेत्रों में, अवार्ड्स सरकारी और प्राइवेट संस्थानों के रिसर्चर्स के बीच बराबर बांटे गए, जबकि एक क्षेत्र में दोनों अवार्ड्स सरकारी संस्थानों के रिसर्चर्स को मिले।
Team Careers360