आईआईटी रुड़की एवं हेस्को ने ग्रामीण स्थिरता और समुदाय-केंद्रित नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए एमओयू साइन किया
Abhay Pratap Singh | May 5, 2025 | 06:18 PM IST | 2 mins read
यह सहयोग हिमालयी क्षेत्र की अनूठी चुनौतियों के अनुरूप कम लागत वाली, पर्यावरण अनुकूल तकनीक विकसित करने पर केंद्रित है।
नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (IIT Roorkee) ने हिमालयी पर्यावरण अध्ययन एवं संरक्षण संगठन (HESCO), देहरादून के साथ एक रणनीतिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य ग्रामीण और हिमालयी क्षेत्रों में सतत विकास एवं नवाचार को संयुक्त रूप से बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम के दौरान आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रोफेसर केके पंत और एचईएससीओ के विशेष सलाहकार और अमेरिकी रक्षा विभाग, पेंटागन के विशेष सलाहकार प्रोफेसर कोरी ग्लिकमैन की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौता ज्ञापन पर औपचारिक रूप से आईआईटी रुड़की के कुलशासक (प्रायोजित अनुसंधान एवं औद्योगिक परामर्श) प्रोफेसर अक्षय द्विवेदी और हेस्को के संस्थापक पद्म भूषण पुरस्कार विजेता डॉ अनिल प्रकाश जोशी ने हस्ताक्षर किए।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, “यह सहयोग हिमालयी क्षेत्र की अनूठी चुनौतियों के अनुरूप कम लागत वाली, पर्यावरण अनुकूल तकनीक विकसित करने पर केंद्रित है। संयुक्त शोध परियोजनाएं, छात्रों के लिए पीएचडी और इंटर्नशिप के अवसर, सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रम एवं क्षमता निर्माण कार्यशालाएं इस साझेदारी के प्रमुख घटकों में से हैं।”
आगे कहा गया कि, “यह समझौता ज्ञापन राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसमें अनुभवात्मक एवं व्यावहारिक शिक्षा पर जोर दिया गया है। आईआईटी रुड़की के छात्रों को इंजीनियरिंग, पर्यावरणीय स्थिरता और सामुदायिक सहभागिता को जोड़ने वाली फील्ड परियोजनाओं का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।”
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो केके पंत ने कहा, “यह साझेदारी अत्याधुनिक शोध को समाज की वास्तविक आवश्यकताओं के साथ जोड़ने के हमारे मिशन का सार है। हेस्को के साथ मिलकर कार्य करके, हमारा लक्ष्य ऐसे तकनीकी समाधान प्रस्तुत करना है जो न केवल टिकाऊ हों बल्कि हिमालयी क्षेत्र में वंचित समुदायों के लिए भी सुलभ हों।”
हेस्को के संस्थापक डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा, “आईआईटी रुड़की के साथ हमारा सहयोग ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की हमारी चल रही यात्रा में एक मील का पत्थर है। साथ मिलकर, हम जमीनी स्तर के नवाचार को अकादमिक उत्कृष्टता के साथ एकीकृत कर ऐसे समाधान तैयार कर सकते हैं जो सार्थक बदलाव ला सकें।”
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- NEET Retest 2026: नीट रीटेस्ट कल, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद; गाइडलाइंस जारी, एनटीए की आज देशभर में मॉक ड्रिल
- CBSE OSM Controversy: सीबीएसई चेयरमैन व सचिव का तबादला, केजरीवाल ने कहा- छात्रों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा
- संसदीय समिति ने नीट मामले पर एनटीए अधिकारियों से पूछे तीखे सवाल, एजेंसी बोली- ‘हमारे सिस्टम से नहीं हुआ लीक’
- बिहार में खुलेगा राष्ट्रीय कला विश्वविद्यालय, ‘भोजपुरी के शेक्सपियर’ भिखारी ठाकुर के नाम पर बनेगा म्यूजियम
- NEET Exam: नीट की कंप्यूटर आधारित परीक्षा से गड़बड़ियों पर लगेगी रोक, बोले पूर्व यूजीसी अध्यक्ष जगदीश कुमार
- JEE Main 2026 Session 2: जेईई मेन सेशन 2 के लिए परसेंटाइल, रॉ मार्क्स व नॉर्मलाइजेशन का सरल विश्लेषण जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी भोपाल में बीटेक प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक होने चाहिए; जानें कटऑफ, फीस, पैकेज
- JEE Main 2026 Cutoff for General Category: जेईई मेन 2026 के लिए सामान्य कैटेगरी की अपेक्षित कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी पटना के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- JEE Main 2026: एनआईटी इलाहाबाद में प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक चाहिए? पात्रता, फीस और कटऑफ जानें