आईआईटी मद्रास, Zuppa जियो और आईएएफ ने रक्षा प्रौद्योगिकी में संयुक्त अनुसंधान एवं विकास के लिए एमओयू साइन किया
Abhay Pratap Singh | October 3, 2025 | 03:25 PM IST | 2 mins read
इस पहल का उद्देश्य भारतीय वायु सेना की उभरती आवश्यकताओं के अनुकूल एडवांस तकनीकों के सह-निर्माण में तेजी लाना है।
नई दिल्ली: ज़ुप्पा जियो नेविगेशन टेक्नोलॉजी, आईआईटी मद्रास और भारतीय वायु सेना के 8 बेस रिपेयर डिपो (8 BRD) ने रक्षा प्रौद्योगिकियों में संयुक्त रूप से आंतरिक अनुसंधान एवं विकास (iR&D) के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह सहयोग उद्योग, शिक्षा और सशस्त्र बलों की पूरक क्षमताओं को एक साथ लाकर रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता (आत्मनिर्भर भारत) को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, “यह त्रिपक्षीय साझेदारी ज़ुप्पा जियो नेविगेशन टेक्नोलॉजीज़ की UAV और नेविगेशन सिस्टम में डीप-टेक विशेषज्ञता, आईआईटी मद्रास के अनुसंधान और नवाचार इकोसिस्टम तथा भारतीय वायुसेना की 8 बीआरडी के परिचालन अनुभव और क्षेत्रीय ज्ञान का लाभ उठाती है।”
इस सहयोग पर ज़ुप्पा के संस्थापक और प्रबंध निदेशक साई पट्टाबिरम ने कहा, “यह समझौता ज्ञापन उद्योग नवाचार, शैक्षणिक उत्कृष्टता और रक्षा परिचालन अनुभव के संगम का प्रतीक है। आईआईटी मद्रास और भारतीय वायुसेना के साथ सहयोग करके हमारा उद्देश्य अगली पीढ़ी के UAV और नेविगेशन समाधान विकसित करना है, जो देश की रक्षा में स्वदेशी ताकत और वैश्विक मानकों के साथ योगदान देंगे।”
आधिकारिक बयान के अनुसार, तीनों साझेदार मिलकर ऐसे अत्याधुनिक स्वदेशी समाधान विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे, जो रक्षा विमानन और संबंधित प्रणालियों में परिचालन दक्षता, स्वायत्तता और लचीलापन बढ़ाएं। इस पहल का उद्देश्य भारतीय वायुसेना की बदलती आवश्यकताओं के अनुसार एडवांस तकनीकों के सह-निर्माण को तेज करना और महत्वपूर्ण रक्षा प्रौद्योगिकियों में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को मजबूत करना है।
आगे कहा गया कि, यह साझेदारी क्षेत्र में आने वाली परिचालन चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान विकसित करने में सक्षम बनाएगी। आईआईटी मद्रास की अनुसंधान क्षमताओं और ज़ुप्पा की वास्तविक दुनिया में सिद्ध तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ उठाकर प्रमुख क्षेत्रों में अपनी तत्परता और आत्मनिर्भरता को बढ़ा सकते हैं।
ज़ुप्पा एक डीप-टेक ड्रोन इंटेलिजेंस कंपनी है, जिसका मुख्यालय भारत में स्थित है और जो स्वायत्त हवाई प्लेटफॉर्म और उड़ान नियंत्रण प्रणालियों में विशेषज्ञता रखती है। सटीक कृषि, स्मार्ट लॉजिस्टिक्स और एआई-संचालित ऑटोमेशन पर केंद्रित, ज़ुप्पा का ड्रोन स्टैक चुनौतीपूर्ण वास्तविक परिस्थितियों में संचालन के लिए डिजाइन किए गए स्वामित्व वाले हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का एकीकृत समाधान प्रदान करता है।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार
- NEET Paper Leak: एक नहीं कई बार लीक हो चुका है नीट का पेपर; जानिए काला सच
- AISHE Reports: अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण रिपोर्ट वर्ष 2022-23 और 2023-24 के लिए जारी
- UDISE Report: वर्ष 2023-24 और 2025-26 के बीच सरकारी स्कूलों में दाखिले में लगभग 86 लाख की कमी आई
- NEET Retest 2026: नीट रीटेस्ट कल, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद; गाइडलाइंस जारी, एनटीए की आज देशभर में मॉक ड्रिल
- CBSE OSM Controversy: सीबीएसई चेयरमैन व सचिव का तबादला, केजरीवाल ने कहा- छात्रों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा