आईआईटी दिल्ली ने शुरू किया ईवी टेक्नोलॉजी में एक वर्षीय ऑनलाइन पीजी डिप्लोमा प्रोग्राम, जानें पात्रता मानदंड
Santosh Kumar | August 25, 2025 | 06:48 PM IST | 1 min read
संस्थान द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सीटें सीमित हैं और चयन शैक्षणिक योग्यता और व्यावसायिक अनुभव के आधार पर किया जाएगा।
नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली ने अपने ऑटोमोटिव रिसर्च एंड ट्राइबोलॉजी केंद्र (सीएआरटी) के अंतर्गत इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) प्रौद्योगिकी में एक वर्षीय ऑनलाइन स्नातकोत्तर डिप्लोमा कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। यह कार्यक्रम उन इंजीनियरों, शोधकर्ताओं, उद्यमियों और पेशेवरों के लिए डिजाइन किया गया है जो 2030 तक भारत के 30% इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने के लक्ष्य में योगदान देना चाहते हैं। यह पाठ्यक्रम ऑनलाइन लाइव कक्षाओं और परिसर में आयोजित इमर्शन मॉड्यूल के मिश्रित प्रारूप में संचालित किया जाएगा, जिसमें प्रयोगशाला अनुभव और शैक्षणिक बातचीत शामिल होगी।
इसका उद्देश्य ईवी पारिस्थितिकी तंत्र की व्यापक समझ प्रदान करना है। इसमें बैटरी प्रबंधन प्रणाली, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, पावरट्रेन डिज़ाइन, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा प्रणाली और फॉल्ट डायग्नोस्टिक्स में एआई का उपयोग जैसे विषय शामिल हैं।
पीजी डिप्लोमा प्रोग्राम की अवधि एक वर्ष
इस कार्यक्रम की अवधि एक वर्ष है और इसे इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि कार्यरत पेशेवर अपनी नौकरी छोड़े बिना ही अपने कौशल को उन्नत कर सकें। यह कार्यक्रम जारो एजुकेशन के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
इच्छुक उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। वर्तमान बैच के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। संस्थान द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सीटें सीमित हैं और चयन शैक्षणिक योग्यता और व्यावसायिक अनुभव के आधार पर किया जाएगा।
कार्यक्रम में प्रवेश के लिए पात्रता मानदंड
संस्थान ने इस संबंध में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इस कार्यक्रम में प्रवेश के लिए पात्र होने के लिए, उम्मीदवारों के पास इलेक्ट्रिकल साइंस में स्नातक की डिग्री या समकक्ष योग्यता, साथ ही संबंधित उद्योग में अनुभव होना आवश्यक है।
इसके अलावा, इलेक्ट्रिकल साइंस में डिप्लोमा धारक उम्मीदवार भी पात्र हैं, बशर्ते उनके पास कम से कम 3 वर्ष का अनुभव और प्रथम श्रेणी हो। प्रवेश उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता और व्यावसायिक अनुभव के आधार पर तय किया जाएगा।
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