Abhay Pratap Singh | July 1, 2026 | 06:02 PM IST | 2 mins read
आईआईएम कलकत्ता के ईपीओएम प्रोग्राम की अवधि 1 वर्ष है। यह कार्यक्रम सप्ताह में एक बार लाइव ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से संचालित किया जाएगा।

नई दिल्ली: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, कोलकाता (IIM Calcutta) ने अपने कार्यकारी संचालन प्रबंधन कार्यक्रम (Executive Programme in Operations Management) के 8वें बैच में प्रवेश शुरू कर दिया है। ईपीओएम प्रोग्राम विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), सेवा (सर्विस), वित्त, आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन), उत्पाद विकास और संबद्ध क्षेत्रों के पेशेवरों के लिए डिजाइन किया गया है।
आवेदन के लिए अभ्यर्थी के पास किसी भी विषय में न्यूनतम 50% अंकों के साथ स्नातक (10+2+3 या समकक्ष) या तीन वर्षीय डिप्लोमा (10+2+3) या मास्टर डिग्री या समकक्ष योग्यता होनी चाहिए। हालांकि, जिन अभ्यर्थियों के स्नातक में 50% से कम अंक हैं, लेकिन स्नातकोत्तर में 50% या उससे अधिक अंक प्राप्त हैं, वे भी आवेदन करने के पात्र होंगे।
ऑपरेशंस मैनेजमेंट एग्जिक्यूटिव प्रोग्राम में प्रवेश के लिए उम्मीदवार के पास किसी भी उद्योग या क्षेत्र में किसी भी कार्यात्मक भूमिका में कम से कम 3 वर्ष का पूर्णकालिक (फुल-टाइम) कार्य अनुभव होना चाहिए। यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन प्रबंधकों के लिए तैयार किया गया है जो सेवा और विनिर्माण दोनों क्षेत्रों में अपने करियर को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
आईआईएम कलकत्ता के ईपीओएम प्रोग्राम की अवधि 1 वर्ष है। यह कार्यक्रम सप्ताह में एक बार लाइव ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से संचालित किया जाएगा। कक्षा का समय रविवार को दोपहर 3:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक है। प्रतिभागियों को आईआईएम कलकत्ता परिसर में कार्यक्रम के अंतिम चरण में सप्ताह में दो बार कक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
अधिक जानकारी और एप्लीकेशन फॉर्म डाउनलोड करने के लिए https://timespro.com/executive-education/institute/iim-calcutta-course पर विजिट कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 5 जुलाई, 2026 है। कार्यक्रम की शुरुआत 1 नवंबर से की जाएगी।
आठवें बैच की घोषणा के मौके पर प्रो सुमंत बसु और विशाल बंसल ने कहा, “ऑपरेशंस क्षेत्र के पेशेवर रोजाना मुश्किल समस्याओं का समाधान करते हुए व्यावहारिक अनुभव हासिल करते हैं, लेकिन करियर में दीर्घकालिक प्रगति के लिए व्यापक रणनीतिक दृष्टिकोण भी जरूरी है। यह कार्यक्रम प्रतिभागियों को अपने व्यावहारिक अनुभव को आधुनिक फ्रेमवर्क, डेटा एनालिटिक्स और प्रौद्योगिकी आधारित सोच से जोड़ने का अवसर देता है, जिससे वे बेहतर निर्णय ले सकें और अधिक प्रभावी ढंग से संचालन का नेतृत्व कर सकें।”