IIT-B: आईआईआईटी-बी इनोवेशन सेंटर और एनआईएमएचएएनएस ने डीईईपीएस प्रोग्राम आयोजित किया
Saurabh Pandey | February 6, 2025 | 10:23 PM IST | 2 mins read
इस कार्यक्रम में समजना एनालिटिक्स, कॉग्निडायग्नोज एआई, निर्वेश एंटरप्राइजेज, स्पारहमाइंड्स, सेंसियो एंटरप्राइजेज, मोक्सा हेल्थ, बेयरली टेक्नोलॉजीज, इनोवोकेयर हेल्थ टेक और को-गाइड जैसे स्टार्टअप्स के इनोवेटिव सॉल्यूशन शामिल थे।
नई दिल्ली : आईआईआईटी-बी इनोवेशन सेंटर ने राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान (एनआईएमएचएएनएस) के सहयोग से एनआईएमएचएएनएस परिसर में एजाइल स्टार्टअप्स के लिए डीप एंगेजमेंट एनकरेजमेंट प्रोग्राम (DEEPAS) का संचालन किया। इस पहल ने सामर्थ्य, स्थिरता और गुणवत्ता-संचालित प्रभाव पर ध्यान देने के साथ मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोलॉजिकल देखभाल में इनोवेटिव समाधान तलाशने के लिए एनआईएमएचएएनएस के 9 डीपटेक स्टार्टअप और 12 प्रतिष्ठित डॉक्टरों को एक साथ लाया।
DEEPAS कार्यक्रम का उद्देश्य स्ट्रेस मैनेजमेंट, गेट एनालिसिस, नींद संबंधी विकार और ब्रेन वेब मॉनिटरिंग और चिकित्सा में रिसर्च-संचालित समाधानों में तेजी लाना है। प्रौद्योगिकी-संचालित उद्यमियों और अनुभवी चिकित्सा प्रोफेशनल्स के बीच अंतर को खत्म कर, इस कार्यक्रम ने क्लीनिकल वायबिलिटी, गो-टू-मार्केट (जीटीएम) रणनीतियों और हेल्थकेयर स्टार्टअप के लिए बिजनेस मॉडल विकास पर गहन चर्चा की सुविधा प्रदान की।
भाग लेने वाले संस्थान, चिकित्सा विशेषज्ञ
इस कार्यक्रम में समजना एनालिटिक्स, कॉग्निडायग्नोज एआई, निर्वेश एंटरप्राइजेज, स्पारहमाइंड्स, सेंसियो एंटरप्राइजेज, मोक्सा हेल्थ, बेयरली टेक्नोलॉजीज, इनोवोकेयर हेल्थ टेक और को-गाइड जैसे स्टार्टअप्स के इनोवेटिव सॉल्यूशन शामिल थे। इन स्टार्टअप्स को NIMHANS के चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ जुड़ने का अवसर मिला, जिनमें डॉ. विवेक बेनेगल, डॉ. गिरीश एन. राव, डॉ. सुवर्णा अल्लादी, डॉ. सेल्वा गणपति, डॉ. विवेक, डॉ. लक्ष्मणन, डॉ. हिमांशु, डॉ. जयंत, डॉ. बराथ होल्ला, डॉ. राघवेंद्र और डॉ. फहीम शामिल थे।
प्रौद्योगिकी को चिकित्सा विशेषज्ञता के साथ जोड़कर, DEEPAS मानसिक और तंत्रिका संबंधी स्वास्थ्य में प्रभावशाली, किफायती और टिकाऊ समाधान पेश कर रहा है। आईआईआईटी-बी इनोवेशन सेंटर इन स्टार्टअप्स के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा।
आईआईआईटी-बी के निदेशक प्रोफेसर देबब्रत दास ने इस पहल की सराहना की और कहा कि इस तरह की अनूठी पहल निश्चित रूप से समय की मांग है, क्योंकि वे न केवल नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देते हैं।
इनोवेशन सेंटर के सीईओ डॉ. लक्ष्मी जगन्नाथन ने कहा कि यह बातचीत चिकित्सकों को स्टार्टअप के साथ जुड़ने में सक्षम बनाने की दिशा में पहला कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि अगले दो से तीन वर्षों में, इन स्टार्टअप्स को उनके क्लिनिकल समाधानों को बेहतर बनाने और एनआईएमएचएएनएस और कर्नाटक ब्रेन हेल्थ इनिशिएटिव के साथ क्लिनिकल मेंटरिंग और हैंडहोल्डिंग के साथ समुदाय में तैनात करने के लिए ओवरऑल समर्थन प्रदान किया जाएगा।
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