IGNOU ने नर्स मैनेजर्स के लिए शुरू किया सर्टिफिकेट कोर्स, जानें योग्यता, फीस और फायदा
Santosh Kumar | June 25, 2025 | 03:54 PM IST | 2 mins read
यह कोर्स "नर्स मैनेजर" के लिए डिज़ाइन किया गया है जिसे एनसीवीईटी (राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद) द्वारा मान्यता प्राप्त है।
नई दिल्ली: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने नर्स मैनेजर्स के लिए एक नया प्रमाणपत्र कार्यक्रम शुरू किया है। यह पाठ्यक्रम इग्नू के स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज (एसओएचएस) द्वारा ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) मोड के तहत चलाया जाएगा। यह विशेष रूप से उन नर्सों के लिए है जो पहले से ही सेवा में हैं और अपने प्रबंधन कौशल में सुधार करना चाहती हैं।
यह छह महीने का कार्यक्रम नर्सिंग सेवाओं में आधुनिक प्रबंधन सिद्धांतों को अपनाने, विभिन्न अस्पताल विभागों के बीच तालमेल, कर्मचारियों की भर्ती और प्रशिक्षण की योजना, कुशल संसाधन उपयोग और नर्सिंग गुणवत्ता जैसे प्रमुख विषयों पर केंद्रित है।
यह कोर्स "नर्स मैनेजर" की भूमिका के लिए डिज़ाइन किया गया है जिसे एनसीवीईटी (राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद) द्वारा मान्यता प्राप्त है। इस कोर्स के बारे में पात्रता विवरण एनक्यूआर पोर्टल पर उपलब्ध है।
IGNOU New Course: पात्रता मानदंड
आज अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में नर्सिंग की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एनएबीएच मान्यता जैसे मापदंडों के कारण नर्स प्रबंधकों की भूमिका अब रणनीतिक योजना और निर्णय लेने तक विस्तारित हो गई है।
यह पाठ्यक्रम इन जरूरतों को पूरा करता है। कोर्स के लिए वे नर्स आवेदन कर सकती हैं जिन्होंने 10+2 के बाद 3 साल का जीएनएम कोर्स किया हो और सेवा में हों तथा उनके पास 3 साल का अनुभव और वैध आरएनआरएम पंजीकरण हो।
इसके अलावा 4 साल की बीएससी नर्सिंग डिग्री वाले नर्स भी आवेदन कर सकते हैं, जिनके पास कम से कम 2 साल का अनुभव और वैध पंजीकरण हो। कोर्स की अवधि 6 महीने है और पढ़ाई का माध्यम अंग्रेजी होगा।
Also read आईआईटी मद्रास 30,000 शिक्षकों को देगा करियर काउंसलिंग की फ्री ट्रेनिंग, 2 जुलाई तक रजिस्ट्रेशन
इस कोर्स की फीस 8,000 रुपये है, साथ ही रजिस्ट्रेशन या डेवलपमेंट फीस भी देनी होगी। प्रत्येक अध्ययन केंद्र (एलएससी) में 50 सीटें होंगी और यदि अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं, तो मेरिट के आधार पर चयन किया जाएगा।
यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन नर्सों के लिए उपयोगी है जो अस्पतालों, स्वास्थ्य इकाइयों या नर्सिंग कॉलेजों में काम कर रही हैं और प्रबंधन भूमिकाओं में आगे बढ़ना चाहती हैं या अपने कौशल को मजबूत करना चाहती हैं।
अगली खबर
]IIM Lucknow News: आईआईएम लखनऊ में 643 स्टूडेंट्स के साथ नए शैक्षणिक वर्ष की शुरूआत, 30% छात्राएं शामिल
संस्थान ने पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम (पीजीपी), एग्रीबिजनेस मैनेजमेंट (पीजीपी-एबीएम), सस्टेनेबल मैनेजमेंट (पीजीपी-एसएम) और डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) कार्यक्रमों में छात्रों को प्रवेश दिया है।
Santosh Kumar | 2 mins readविशेष समाचार
]- JEE Main 2026 Session 2: जेईई मेन सेशन 2 के लिए परसेंटाइल, रॉ मार्क्स व नॉर्मलाइजेशन का सरल विश्लेषण जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी भोपाल में बीटेक प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक होने चाहिए; जानें कटऑफ, फीस, पैकेज
- JEE Main 2026 Cutoff for General Category: जेईई मेन 2026 के लिए सामान्य कैटेगरी की अपेक्षित कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी पटना के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- JEE Main 2026: एनआईटी इलाहाबाद में प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक चाहिए? पात्रता, फीस और कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी दिल्ली के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी, ‘लाडू’, ‘रोटलो’ और ‘मोटो बापो’ जैसे स्थानीय शब्द होंगे शामिल
- राजस्थान में 7,000+ कम नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने जताया विरोध
- अगले 5 साल में 10 अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने की योजना, आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने दी जानकारी
- राज्यसभा में कांग्रेस सदस्य ने की हर स्कूल में छात्राओं के लिए अलग शौचालय सुनिश्चित करने की मांग