Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश के छह सरकारी स्कूल राजीव गांधी मॉडल डे-बोर्डिंग विद्यालयों में होंगे अपग्रेड

Press Trust of India | August 11, 2026 | 08:36 AM IST | 2 mins read

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सरकार ने राज्य भर में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने के उद्देश्य से 'राजीव गांधी गवर्नमेंट मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल' शुरू किए हैं।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने के कारण लगभग 24,000 छात्र निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों में स्थानांतरित हो गए हैं। (इमेज-एआई जेनरेटेड)

नई दिल्ली : हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य भर के छह सरकारी विद्यालयों को राजीव गांधी सरकारी मॉडल डे-बोर्डिंग विद्यालयों में अपग्रेड करने का निर्णय लिया है, ताकि छात्रों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इस कदम का उद्देश्य शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और छात्रों, विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक शिक्षण सुविधाओं तक पहुंच प्रदान करना है।

अपग्रेड किए जाने वाले विद्यालयों में करसोग स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, करसोग; रामपुर बुशहर स्थित सरकारी बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रोहरू स्थित सरकारी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, चोपाल स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नौराधार स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल और बेहदाला स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं।

राजीव गांधी गवर्नमेंट मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सरकार ने राज्य भर में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने के उद्देश्य से 'राजीव गांधी गवर्नमेंट मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल' शुरू किए हैं। स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, जिनमें हाई-टेक स्मार्ट क्लासरूम, खेल के मैदान, इंडोर स्टेडियम, पौष्टिक भोजन और स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

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सरकारी शिक्षण संस्थानों के स्तर में सुधार

आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस पहल से सरकारी शिक्षण संस्थानों के स्तर में सुधार होने और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों में आत्मविश्वास पैदा होने की उम्मीद है, जिससे वे जीवन की चुनौतियों का अधिक प्रभावी ढंग से सामना कर सकेंगे। सीएम सुखु ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से हैं और वर्तमान सरकार के समन्वित प्रयासों से सकारात्मक परिणाम मिलने शुरू हो गए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में सीबीएसई आधारित शिक्षा की शुरुआत से भी उत्साहजनक परिणाम मिले हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी संस्थानों की तुलना में नाममात्र लागत पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने के कारण लगभग 24,000 छात्र निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों में स्थानांतरित हो गए हैं।

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