Anti-Paper Leak Bill: सरकार संसद में 27 जुलाई को पेपर लीक से जुड़े कानून में संशोधन संबंधी बिल पेश कर सकती है
Santosh Kumar | July 25, 2026 | 04:06 PM IST | 1 min read
विधेयक में कम से कम सात वर्ष की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है। विधेयक के अनुसार, सभी जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होंगी।
नई दिल्ली: लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 में संशोधन करने वाला एक विधेयक सोमवार को संसद में पेश किए जाने की संभावना है, जिसमें प्रश्नपत्र लीक से संबंधित अपराधों के लिए कारावास की अवधि को 10 साल तक और जुर्माने को 10 करोड़ रुपये तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। विधेयक को पेश किए जाने से पहले सदस्यों को वितरित की गयी इसकी प्रति के अनुसार, परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक या अनुचित साधनों का प्रयोग करने वाले व्यक्तियों को कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल की कैद और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
संगठित अपराधों के लिए विधेयक में कम से कम सात वर्ष की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है। एंटी-पेपर लीक विधेयक के अनुसार, सभी जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होंगी।
सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को त्वरित अदालतें स्थापित करने का निर्देश दिया जाएगा, जो मुकदमों की सुनवाई तेजी से करेंगी और आरोप पत्र दाखिल होने के तीन महीने के भीतर मुकदमे की कार्यवाही पूरी करेंगी।
पीएम मोदी की घोषणा के कुछ घंटों बाद केंद्रीय कैबिनेट ने 24 जुलाई को पेपर लीक के मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान करने वाले एक ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दी। इस बिल को पीएम की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई।
इससे पहले, पीएम मोदी ने कहा था कि पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रस्ताव करने वाला बिल अगले सप्ताह संसद में पेश किया जाएगा। यह फ़ैसला ऐसे समय में लिया गया है जब पेपर लीक के चलते सरकार चारों ओर से घिरी हुई है।
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