Goa University: प्रतियोगिता में छात्रों को मंच पर अंडरवियर में आने को किया मजबूर तो आयोग ने कुलपति भेजा नोटिस
Press Trust of India | July 11, 2025 | 04:06 PM IST | 2 mins read
आयोग ने गोवा यूनिवर्सिटी के कुलपति हरिलाल बी. मेनन को नोटिस जारी कर 23 जुलाई तक जवाब देने के लिए तलब किया है।
पणजी: गोवा राज्य मानवाधिकार आयोग ने गोवा विश्वविद्यालय के कुलपति को एक कथित घटना के संबंध में नोटिस जारी किया है, जिसमें इस वर्ष की शुरुआत में संस्थान में एक सांस्कृतिक उत्सव के दौरान छात्रों को अंडरवियर पहनकर मंच पर आने के लिए मजबूर किया गया। एक अधिकारी ने आज (11 जुलाई) यह जानकारी दी।
आयोग ने गोवा यूनिवर्सिटी के कुलपति हरिलाल बी. मेनन को नोटिस जारी कर 23 जुलाई तक जवाब देने के लिए तलब किया है। एक अधिकारी ने बताया कि यह मामला फरवरी में हुए एक अंतर-विभागीय कार्यक्रम ‘फ्रोलिक’ के दौरान का है।
कुलपति ने कहा, ‘थर्ड डिग्री’ नामक प्रतियोगिता के दौरान ज्यूरी ने प्रतिभागियों से अपने कपड़े उतारने और अंडरवियर में आने को कहा।" आयोग ने इस सप्ताह एक समाचारपत्र में इस संबंध में प्रकाशित एक रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया।
कार्यक्रम में छात्राएं भी थीं मौजूद
आयोग ने नोटिस में कहा है कि वह स्वतः संज्ञान ले रहा है, क्योंकि पहली नजर में यह घटना छात्राओं के मानवाधिकारों का उल्लंघन लगती है। एनएसयूआई नेता नौशाद चौधरी ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि उस कार्यक्रम में छात्राएं भी मौजूद थीं।
उन्होंने कहा कि छात्रों को जाने नहीं दिया गया और मौके पर मौजूद छात्र-छात्राओं के लिए यह बेहद शर्मनाक स्थिति थी। एनएसयूआई ने घटना के विरोध में प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। वहीं, विपक्षी पार्टी ने यह मामला मीडिया के सामने उठाया है।
विश्वविद्यालय में विशेष अवकाश की घोषणा
गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) प्रमुख विजय सरदेसाई ने कहा कि उनकी पार्टी ने इस घटना के बारे में अधिकारियों से पूछताछ की है। इस बीच गोवा विश्वविद्यालय ने शुक्रवार (11 जुलाई) को "विशेष अवकाश" की घोषणा की है।
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार एस एन धुरी ने एक परिपत्र में कहा, ‘‘विश्वविद्यालय के सभी शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों और छात्रों को सूचित किया जाता है कि शुक्रवार को विशेष अवकाश घोषित किया गया है।’’
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एनएमसी के अनुसार, ये शिकायतें मेडिकल कॉलेजों में अधिक फीस वसूलने, छात्रवृत्ति न देने या देने में देरी, रैगिंग, उत्पीड़न, इंटर्नशिप से जुड़ी समस्याओं, कॉलेज स्टाफ के व्यवहार, अनुशासन, स्वास्थ्य सुरक्षा, पाठ्यक्रम, उपस्थिति, शिक्षण पद्धति, परीक्षा और मूल्यांकन जैसे मुद्दों से जुड़ी हैं।
Santosh Kumar | 2 mins readविशेष समाचार
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