Education Budget 2026: निर्मला सीतारमण ने तीन-तीन नए एआईआईए, एनआईपीईआर और 1 एनआईडी स्थापित करने की घोषणा की
Abhay Pratap Singh | February 1, 2026 | 01:05 PM IST | 2 mins read
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि आयुष फार्मेसी और औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं को अपग्रेड किया जाएगा।
नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश करना शुरू कर दिया है। शिक्षा बजट 2026 के अनुसार, देश में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIAS), तीन नए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (NIPER) और एक नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) स्थापित किए जाएंगे।
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, कोविड के बाद आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर स्वीकार्यता और पहचान मिली है और आयुर्वेद उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कई कदम उठाए जाएंगे। आयुष फार्मेसी और औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं को अपग्रेड किया जाएगा, जबकि जामनगर स्थित WHO वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र को और मजबूत किया जाएगा।
देश के हर जिले में बनाया जाएगा एक गर्ल्स हॉस्टल -
सीतारमण ने अपने शिक्षा बजट भाषण में कहा कि, उच्च शिक्षा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नए संस्थान, यूनिवर्सिटी टाउनशिप, गर्ल्स हॉस्टल और टेलिस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर फैसिलिटीज जैसी बुनियादी सुविधाएं स्थापित करने के लिए कई कदम उठाने का प्रस्ताव है। साथ ही, देश के हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा।
खेलो इंडिया मिशन -
उन्होंने आगे कहा कि, खेल क्षेत्र रोजगार, कौशल विकास और नौकरी के अनेक अवसर उपलब्ध कराता है। खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत शुरू किए गए खेल प्रतिभाओं के व्यवस्थित पोषण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए निर्मला ने अगले दशक में खेल क्षेत्र के व्यापक रूपांतरण के लिए ‘खेलो इंडिया मिशन’ शुरू करने का प्रस्ताव रखा है।
मेडिकल टूरिज्म हब -
वित्त मंत्री ने भारत को मेडिकल टूरिज्म हब के तौर पर बढ़ावा देने के लिए राज्यों को देश में 5 रीजनल हब स्थापित करने में मदद करने के लिए एक योजना प्रस्तावित की है। उन्होंने बताया कि पशु-चिकित्सा क्षेत्र में पेशेवरों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा और निजी क्षेत्र में पशु चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए पूंजी सब्सिडी सहायता योजना लाई जाएगी।
शिक्षा से रोजगार और उद्यम -
सीतारमण ने ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम’ के क्षेत्र में एक उच्चस्तरीय स्थायी समिति गठित करने का प्रस्ताव रखा है। समिति विकास, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं को अधिकतम करने के लिए क्षेत्रों को प्राथमिकता देगी। साथ ही, कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित उभरती प्रौद्योगिकियों के रोजगार और कौशल आवश्यकताओं पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन कर, इसके लिए उपयुक्त उपाय भी प्रस्तावित करेगी।
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