DUSU Polls 2024: डूसू चुनाव के लिए एबीवीपी का 11 सूत्री घोषणापत्र जारी, 5000 से अधिक छात्रों से लिए सुझाव
Press Trust of India | September 21, 2024 | 08:16 PM IST | 2 mins read
घोषणापत्र में स्नातकोत्तर छात्रों के लिए "एक पाठ्यक्रम, एक शुल्क" तथा प्रत्येक कॉलेज में आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) की स्थापना का प्रस्ताव है।
नई दिल्ली: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनावों के लिए अपना 11-सूत्री घोषणापत्र जारी किया है। "मेरा डीयू, मेरा घोषणापत्र" नाम के इस दस्तावेज में प्रवेश प्रक्रिया, कैंपस के बुनियादी ढांचे, परीक्षाओं और रोजगार से जुड़ी शिक्षा जैसे अहम मुद्दों को शामिल किया गया है। इसमें बेहतर शिकायत निवारण प्रणाली बनाने और छात्रों की सुरक्षा के उपायों में सुधार की योजनाओं का भी जिक्र किया गया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एबीवीपी ने कहा, "यह घोषणापत्र 5,000 से अधिक छात्रों के सुझावों पर आधारित है और इसका उद्देश्य दिल्ली विश्वविद्यालय में सकारात्मक माहौल बनाना है।" इसमें स्नातकोत्तर छात्रों के लिए "एक कोर्स, एक फीस", हर कॉलेज में एक आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) की स्थापना और बड़े पैमाने पर नौकरी मेले आयोजित करने का प्रस्ताव है।
एबीवीपी ने ओबीसी, एससी और एसटी समुदायों के छात्रों के लिए अधिक छात्रवृत्ति, महंगाई भत्ते (डीए) का समायोजन और सभी छात्रों के लिए रियायती मेट्रो पास का वादा किया है। डीयूएसयू के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार ऋषभ चौधरी ने कहा, "हमारी योजना पीजी पाठ्यक्रमों के लिए 'एक कोर्स, एक फीस' लागू करने, हर कॉलेज में हाई-टेक रीडिंग रूम बनाने और पूरे परिसर में वाई-फाई सुविधा सुनिश्चित करने की है।"
महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण पर जोर
इसमें नौकरी मेले आयोजित करने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को प्रभावी ढंग से लागू करने पर पार्टी के फोकस का भी उल्लेख किया गया। एबीवीपी के उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार भानु प्रताप सिंह ने कहा, "हम कौशल विकास कार्यक्रम, इंटर्नशिप और उद्योग से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू करने पर काम करेंगे।"
डीयूएसयू सचिव पद के लिए एबीवीपी उम्मीदवार मित्रविंदा कर्णवाल ने महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य हर कॉलेज में महिला छात्रावास उपलब्ध कराना, सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें लगाना और दिव्यांग छात्रों के लिए सुविधाजनक बुनियादी ढांचा सुनिश्चित करना है।"
संयुक्त सचिव पद के उम्मीदवार अमन कपासिया ने छात्रवृत्ति बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य को समर्थन देने की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "हम हाशिए पर पड़े छात्रों के लिए छात्रवृत्ति बढ़ाने और हर कॉलेज में मानसिक स्वास्थ्य परामर्शदाता उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।"
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