Abhay Pratap Singh | March 20, 2026 | 05:22 PM IST | 2 mins read
क्रांतिकारी युवा संगठन (KYS) के प्रदर्शन के बाद डीयू प्रशासन ने एसओएल छात्रों को ‘जॉब मेला’ कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति दी।

नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा आज आयोजित होने वाले ‘जॉब मेला’ कार्यक्रम में स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) छात्रों के साथ किए गए भेदभाव के खिलाफ क्रांतिकारी युवा संगठन (KYS) ने विरोध प्रदर्शन किया। ‘डीयू जॉब मेला’ में दिल्ली यूनिवर्सिटी के एसओएल के छात्रों की भागीदारी पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
जॉब मेले के संबंध में जारी ब्रोशर में कहा गया था कि, “यह जॉब मेला सिर्फ रेगुलर स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएचडी छात्रों और यहाँ तक कि डीयू के पूर्व छात्रों के लिए है। यह विशेष रूप से एसओएल छात्रों को जॉब मेले में भाग लेने से रोकता है।”
वहीं, विभिन्न कॉलेज प्रशासनों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किए गए आधिकारिक पोस्टों में कहा गया है कि स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) छात्र इसमें भाग लेने के पात्र नहीं हैं।
एसओएल छात्रों को कार्यक्रम से बाहर रखने पर कार्यक्रम स्थल पर ही क्रांतिकारी युवा संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के बाद डीयू एसओएल के प्राचार्य और डीन (स्टूडेंट्स वेलफेयर) ने एसओएल छात्रों से मुलाकात की, जिसके बाद डीयू प्रशासन ने एसओएल छात्रों को ‘जॉब मेला’ में शामिल होने की अनुमति दी।
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केवाईएस ने कहा, एसओएल छात्रों को प्लेसमेंट के अवसरों से वंचित करना विश्वविद्यालय की 'शैक्षिक रंगभेद' की पुरानी प्रथा को दर्शाता है, जहां एक ही विश्वविद्यालय के छात्र होने के बावजूद हजारों छात्रों के साथ खुलेआम भेदभाव किया जाता है। यह पहला मौका नहीं है जब एसओएल छात्रों के खिलाफ डीयू की भेदभावपूर्ण नीति उजागर हुई है।
इससे पहले, 2019 में महिला अध्ययन विकास केंद्र द्वारा आयोजित लोगो-डिजाइनिंग प्रतियोगिता में एसओएल छात्रों को प्रतिबंधित किया गया था। निर्माणाधीन बेसमेंट और टेंट में बिठाकर परीक्षा कराए जाने से लेकर, अचानक परीक्षा कार्यक्रम बदलने तक एसओएल छात्र डीयू की खुली भेदभाव का शिकार रहे हैं।
संगठन ने आरोप लगाया कि एसओएल छात्रों के लिए अलग से निम्न स्तर के जॉब फेयर आयोजित किए जाते हैं। यह मेले छात्रों को कम वेतन वाले, अनौपचारिक और अर्ध-कुशल क्षेत्रों जैसे ब्यूटी सर्विस, मरम्मत कार्य और इसी तरह की शोषणकारी नौकरियों के लिए प्लेसमेंट प्रदान करते हैं।
आगे बताया कि प्रशासन ने माना कि भविष्य में एसओएल छात्रों को ऐसे किसी भी कार्यक्रम से वंचित नहीं किया जाएगा। केवाईएस डीयू और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में असमानता और भेदभाव के खिलाफ अपने संघर्ष को और तेज करने का ऐलान किया।