उच्च शिक्षा में 2035 तक 50% जीईआर का लक्ष्य, धर्मेंद्र प्रधान बोले—एनईपी 2020 के पंच संकल्प होंगे मार्गदर्शक
Santosh Kumar | July 10, 2025 | 03:49 PM IST | 2 mins read
धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि छात्र नामांकन 4.46 करोड़ तक पहुंच गया है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी 38% और महिला पीएचडी स्कॉलरों की संख्या में 136% की वृद्धि हुई है।
नई दिल्ली: गुजरात के केवड़िया में आज (10 जुलाई) से केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों का 2 दिवसीय सम्मेलन शुरू हुआ, जिसमें देश भर के 50 से अधिक विश्वविद्यालयों के कुलपति हिस्सा ले रहे हैं। इस सम्मेलन का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के कार्यान्वयन की समीक्षा, मूल्यांकन और भविष्य की रणनीति तैयार करना है। शिक्षा मंत्रालय और गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस बैठक में केंद्रीय विश्वविद्यालयों की भूमिका पर चर्चा हो रही है।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने उद्घाटन सत्र में कहा कि पिछले 10 वर्षों में उच्च शिक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव आया है। अब यह पहले से कहीं अधिक लचीली, समावेशी, नवाचार को बढ़ावा देने वाली और कई विषयों को जोड़ने वाली हो गई है।
सम्मेलन में गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. हसमुख अधिया ने भारतीय ज्ञान परंपरा और कर्मयोग के सिद्धांतों पर बात की।डॉ. विनीत जोशी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने उच्च शिक्षा को एक नई दिशा दी है।
NEP 2020: मंत्री ने पंच संकल्पों पर प्रकाश डाला
धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि छात्र नामांकन 4.46 करोड़ तक पहुंच गया है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी 38% और महिला पीएचडी स्कॉलरों की संख्या में 136% की वृद्धि हुई है। एससी-एसटी वर्गों के लिए भी उच्च शिक्षा में भागीदारी बढ़ी है।
मंत्री ने कहा कि देश में 1,200 से अधिक विश्वविद्यालय और 46,000 से अधिक कॉलेज स्थापित हैं। उन्होंने कुलपतियों से एनईपी 2020 के 5 संकल्पों-उभरती शिक्षा, बहु-विषयक शिक्षा, नवाचार, समग्र शिक्षा और भारतीय शिक्षा को लागू करने की अपील की।
मंत्री ने कहा कि कुलपतियों को छात्रों की सोच को दिशा देने में भूमिका निभानी होगी और उन्हें "छात्र-प्रथम" नीति अपनानी चाहिए। उन्होंने एनईपी पर रणनीति पत्र तैयार करने और हर विश्वविद्यालय में सम्मेलन आयोजित करने की सलाह दी।
इस दो दिवसीय सम्मेलन में तीन प्रमुख बातों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पहला, विश्वविद्यालयों को नई शिक्षा नीति के लक्ष्यों के अनुरूप ढालना। दूसरा, कुलपतियों और अकादमिक लीडर्स के बीच पारस्परिक शिक्षण और अनुभव साझा करने को बढ़ावा देना।
तीसरा, विश्वविद्यालयों को आने वाले बदलावों के लिए तैयार करना। सम्मेलन में कुल 10 विषयों पर चर्चा की जाएगी, जो शिक्षा नीति 2020 के पांच मुख्य स्तंभों - समानता, जवाबदेही, गुणवत्ता, पहुंच और सामर्थ्य से संबंधित हैं।
अगली खबर
]अनौपचारिक ‘व्हाट्सऐप ग्रुप’ के माध्यम से कनिष्ठ छात्रों को परेशान करना ‘रैगिंग’ माना जाएगा, यूजीसी का निर्देश
अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के ‘ग्रुप’ को ‘रैगिंग’ माना जाएगा और ‘रैगिंग’ रोधी नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यूजीसी को नए छात्रों से हर साल दर्जनों शिकायतें मिलती हैं, जिनमें वरिष्ठ छात्रों द्वारा उन्हें परेशान किए जाने के आरोप लगाए जाते हैं।
Press Trust of India | 2 mins readविशेष समाचार
]- संसदीय समिति ने नीट मामले पर एनटीए अधिकारियों से पूछे तीखे सवाल, एजेंसी बोली- ‘हमारे सिस्टम से नहीं हुआ लीक’
- बिहार में खुलेगा राष्ट्रीय कला विश्वविद्यालय, ‘भोजपुरी के शेक्सपियर’ भिखारी ठाकुर के नाम पर बनेगा म्यूजियम
- NEET Exam: नीट की कंप्यूटर आधारित परीक्षा से गड़बड़ियों पर लगेगी रोक, बोले पूर्व यूजीसी अध्यक्ष जगदीश कुमार
- JEE Main 2026 Session 2: जेईई मेन सेशन 2 के लिए परसेंटाइल, रॉ मार्क्स व नॉर्मलाइजेशन का सरल विश्लेषण जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी भोपाल में बीटेक प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक होने चाहिए; जानें कटऑफ, फीस, पैकेज
- JEE Main 2026 Cutoff for General Category: जेईई मेन 2026 के लिए सामान्य कैटेगरी की अपेक्षित कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी पटना के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- JEE Main 2026: एनआईटी इलाहाबाद में प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक चाहिए? पात्रता, फीस और कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी दिल्ली के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी, ‘लाडू’, ‘रोटलो’ और ‘मोटो बापो’ जैसे स्थानीय शब्द होंगे शामिल