DUSU Election 2025: दिल्ली विवि ने डूसू चुनाव से पहले दीवारों का विरूपण रोकने के लिए दिशानिर्देश किए जारी
Press Trust of India | August 8, 2025 | 09:41 PM IST | 1 min read
विश्वविद्यालय ने विरूपण को रोकने के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को नामांकन पत्र दाखिल करते समय 1,00,000 रुपए का बॉण्ड जमा करना अनिवार्य कर दिया है।
नई दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव (DUSU Election) से पहले सार्वजनिक संपत्ति के विरूपण को रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत नामांकन-पत्र दाखिल करने के दौरान 1 लाख रुपए का बॉण्ड भरना होगा। डीयू के कुलसचिव विकास गुप्ता द्वारा जारी दिशानिर्देशों का छात्रों, कॉलेजों और विश्वविद्यालय के विभागों को सख्ती से पालन करना होगा।
यह विभिन्न कानूनी प्रावधानों, अदालती आदेशों और लिंगदोह समिति की सिफारिशों पर आधारित है। विश्वविद्यालय ने विरूपण को रोकने के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को नामांकन पत्र दाखिल करते समय एक लाख रुपये का बॉण्ड जमा करना अनिवार्य कर दिया है।
इसमें कहा गया है कि यदि उम्मीदवार या उनके समर्थक विरूपण मानदंडों का उल्लंघन करते पाये जाते हैं, तो यह राशि जब्त कर ली जाएगी। छात्रों को शुरू से ही सचेत करने के लिए विश्वविद्यालय ने दाखिले के समय रैगिंग-रोधी हलफनामे की तरह ही एक ‘‘विरूपण-रोधी हलफनामा’’ सौंपे जाने का प्रस्ताव किया था।
दिशानिर्देश के अनुसार, कॉलेजों और विभागों को छात्र संघ चुनाव के समय छात्रों को परिसर में शिष्टाचार बनाए रखने को प्रोत्साहित करने के वास्ते जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। इसमें कहा गया है कि कॉलेजों को छात्र संघ चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए बहस के आयोजन को बढ़ावा देना चाहिए, जिन्हें संबंधित वेबसाइटों पर अपलोड किया जा सकता है।
दिशानिर्देश में कहा गया है कि कॉलेजों को चुनाव संबंधी सामग्री लगाने के लिए निर्धारित दो स्थानों पर दीवारों का आकार बढ़ाने के लिए भी कहा गया है। इसमें कहा गया है कि इन निर्दिष्ट क्षेत्रों के बाहर पोस्टर लगाने, दीवारों पर नारे लिखने, रैलियां करने, लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और रोड शो पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया गया है।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- IIM Lucknow: आईआईएम लखनऊ ने फैमिली बिजनेस में एमबीए प्रोग्राम लॉन्च किया, पहला बैच जुलाई 2027 में, फीस जानें
- IRIS 2026: 27 क्षेत्रों के 54 स्कॉलर्स को मिला फैकल्टी रिसर्च अवार्ड; आईआईटी, एम्स, आईआईएम के शोधकर्ता शामिल
- IRIS 2026: इंडिया रिसर्च एंड इम्पैक्ट समिट 1 अक्टूबर को, नीति आयोग सदस्य समेत कई दिग्गज एजुकेटर्स होंगे शामिल
- UPSC Mains Marks: केंद्रीय सूचना आयोग ने यूपीएससी मेंस के अंकों का विवरण प्रकाशित करने की सिफारिश की
- JEE Advanced: जेईई-एडवांस्ड में 3 प्रयास की मांग तेज, 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने मंत्रालय को दिया प्रतिवेदन
- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार