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ओपनएआई ने एआई टैलेंट को डेवलप करने के लिए आईआईटी-दिल्ली, आईआईएम-अहमदाबाद के साथ एमओयू साइन किया

Press Trust of India | February 18, 2026 | 05:20 PM IST | 1 min read

ओपनएआई ने बयान में कहा कि इस पहल के पहले चरण में आईआईटी दिल्ली, आईआईएम अहमदाबाद, एम्स नई दिल्ली, मणिपाल अकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन, यूपीईएस और पर्ल अकेडमी शामिल हैं।

ओपनएआई इंडिया के एजुकेशन हेड ने कहा कि एआई लिटरेसी जरूरी है। (प्रतीकात्मक-विकिमीडिया कॉमन्स)
ओपनएआई इंडिया के एजुकेशन हेड ने कहा कि एआई लिटरेसी जरूरी है। (प्रतीकात्मक-विकिमीडिया कॉमन्स)

नई दिल्ली: 'ओपनएआई' ने देश के प्रमुख विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों के साथ साझेदारी की घोषणा की। इसका उद्देश्य प्रबंधन, स्वास्थ्य, इंजीनियरिंग और रचनात्मक शिक्षा के क्षेत्रों में कृत्रिम मेधा (एआई) को शामिल कर प्रौद्योगिकी आधारित अर्थव्यवस्था के लिए एआई में कुशल प्रतिभा तैयार करना है। ओपनएआई ने बयान में कहा कि इस पहल के पहले चरण में आईआईटी दिल्ली, आईआईएम अहमदाबाद, एम्स नई दिल्ली, मणिपाल अकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन, यूपीईएस और पर्ल अकेडमी शामिल हैं।

इस पहल के तहत अगले एक वर्ष में 1 लाख से अधिक छात्र, शिक्षक और कर्मचारियों को सहायता दी जाएगी। इसका उद्देश्य एआई टूल्स की पहुंच के साथ उनका जिम्मेदार और शैक्षणिक रूप से सही उपयोग सुनिश्चित करना है।

'भविष्य के लिए एआई साक्षरता अनिवार्य'

ओपनएआई इंडिया के एजुकेशन हेड ने कहा कि एआई लिटरेसी जरूरी है। अनुमान है कि वर्ष 2030 तक पेशेवरों के लगभग 40 प्रतिशत मुख्य कौशल, जिन पर वे आज निर्भर हैं, बदल जाएंगे और इसका मुख्य कारण एआई प्रौद्योगिकी होगी।''

उन्होंने कहा, ''इसके बावजूद, एआई उपकरणों की क्षमता और लोगों द्वारा उनके वास्तविक उपयोग के बीच एक बड़ा अंतर बना हुआ है। शिक्षण संस्थान इस अंतर को पाटने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

स्कूलों और विश्वविद्यालयों के बुनियादी ढांचे में एआई उपकरणों, प्रशिक्षण और अनुसंधान को शामिल करके, वे छात्रों को उन कौशलों से लैस कर सकते हैं जो कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित दुनिया में सफल होने के लिए आवश्यक हैं।''

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इस सहयोग के तहत 'एंटरप्राइज-ग्रेड' चैटजीपीटी शिक्षा तक पहुंच, व्यवस्थित प्रशिक्षण (ऑनबोर्डिंग), विषय-विशिष्ट कार्यान्वयन मार्गदर्शन और संस्थान की नीतियों के अनुरूप 'जिम्मेदार-उपयोग' का ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा।

एआई स्किल्स को एडवांस्ड प्रॉम्प्टिंग, एनालिटिक्स, कोडिंग, सिमुलेशन और रिसर्च जैसे एजुकेशनल प्रोसेस में इंटीग्रेट किया जाएगा। ओपनएआई हैकाथॉन, ‘बिल्ड डेज़’, ‘इंडस्ट्री डेज’ के जरिए कैंपस नवाचार को स्टार्टअप्स और टेक उद्योग से जोड़ेगा।

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