Delhi School News: नियमित कक्षाएं फिर से शुरू करने की तैयारी, प्रदूषण से निपटने के लिए उठाए गए कदम
Press Trust of India | November 26, 2024 | 07:42 AM IST | 2 mins read
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (25 नवंबर) को सुझाव दिया कि दिल्ली के स्कूलों में नियमित कक्षाएं शुरू करने पर विचार किया जा सकता है।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी के स्कूलों ने नियमित कक्षाएं शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी है। अभिभावक इस स्थिति को लेकर असमंजस में हैं। उन्हें चिंता है कि बच्चों को स्कूल भेजने से वे प्रदूषण के संपर्क में आ सकते हैं, लेकिन उन्हें घर पर रखने से उनकी पढ़ाई और महत्वपूर्ण गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। इस मामले पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने भी अपनी राय दी।
स्कूलों ने छात्रों को वायु प्रदूषण से खुद को बचाने के लिए मास्क पहनने और बाहरी गतिविधियों को कम करने की सलाह दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुझाव दिया कि स्कूलों में नियमित कक्षाएं शुरू करने पर विचार किया जा सकता है।
बता दें कि दिल्ली में खराब वायु गुणवत्ता को देखते हुए स्कूल सभी कक्षाओं के लिए ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित कर रहे हैं। सोमवार सुबह 9 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 281 दर्ज किया गया, जो 'खराब' श्रेणी में आता है।
Delhi School News: स्कूल के अंदर-बाहर मास्क अनिवार्य
आईटीएल पब्लिक स्कूल, द्वारका की प्रिंसिपल सुधा आचार्य ने कहा कि स्कूल ने नियमित कक्षाएं फिर से शुरू होने पर स्वास्थ्य जोखिम को कम करने के लिए दिशा-निर्देश तैयार किए हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को सलाह दी जाएगी।
छात्रों को स्कूल के अंदर और बाहर मास्क पहनने के लिए कहा जाएगा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि हमने नवंबर से फरवरी तक वार्षिक दिवस और खेल दिवस सहित सभी बड़े कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया है।
Delhi Pollution News: स्कूल गतिविधियों पर प्रतिबंध
इंद्रप्रस्थ स्कूल के प्रिंसिपल राजेश हसीजा ने कहा कि सांस संबंधी समस्या बढ़ाने वाली गतिविधियों पर रोक रहेगी। उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य है और बाहरी गतिविधियों को कम करने का फैसला लिया गया है।
अब सुबह की सभाएं कक्षाओं के अंदर ही होंगी और योग और व्यायाम सत्र बंद कर दिए गए हैं। इस बीच, दिल्ली अभिभावक संघ की अध्यक्ष अपराजिता गौतम ने अभिभावकों की दुविधा पर जोर दिया।
गौतम ने कहा, "यह ऐसी स्थिति है, जिसमें जीतने का कोई रास्ता नहीं है। अगर हम अपने बच्चों को स्कूल भेजते हैं, तो प्रदूषण के कारण जोखिम होता है और अगर हम उन्हें घर पर रखते हैं, तो वे महत्वपूर्ण गतिविधियों से चूक जाते हैं।"
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- VBSA Bill: लोकसभा ने 'विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक' को संयुक्त समिति को भेजने की दी मंजूरी, जानें महत्व
- Govt in Lok Sabha: केवीएस में 10,173 पद रिक्त; 2014 से भर्ती और कॉन्ट्रैक्ट टीचरों का साल-वार विवरण जारी
- एसएमवीडीआईएमई में हिंदुओं के लिए आरक्षण और मुस्लिम छात्रों को स्थानांतरण करने की मांग को लेकर प्रदर्शन
- IIM Indore Admission Guidelines 2026-28: आईआईएम इंदौर ने पीजीपी एडमिशन गाइडलाइंस जारी की, पात्रता मानदंड जानें
- IIT Bombay News: महाराष्ट्र सरकार आईआईटी बॉम्बे का नाम बदलने के लिए केंद्र को लिखेगी पत्र, सीएम ने दी जानकारी
- दिल्ली का भलस्वा स्लम: आधार कार्ड और गंदगी से गुम हुई शिक्षा
- Nobel Prize in Economics 2025: जोएल मोकिर, फिलिप एगियन और पीटर हॉविट को मिलेगा अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार
- भारत में 33 लाख से अधिक छात्र एकल-शिक्षक स्कूलों पर निर्भर, उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक नामांकन
- Nobel Peace Prize 2025: वेनेजुएला की मारिया कोरिना मचाडो को मिलेगा नोबेल शांति पुरस्कार, 10 दिसंबर को समारोह
- Nobel Prize in Chemistry 2025: सुसुमु कितागावा, रिचर्ड रॉबसन, उमर एम याघी को मिलेगा केमिस्ट्री का नोबेल प्राइज