Delhi School News: दिल्ली के 5,556 स्कूलों में 44.9 लाख छात्र अध्ययनरत, पर्याप्त नहीं स्कूल भवन - रिपोर्ट
Press Trust of India | March 20, 2026 | 05:37 PM IST | 2 mins read
यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस (UDISE+) 2024-25 की रिपोर्ट के अनुसार, स्कूलों की संख्या की तुलना में नामांकन का अनुपात दिल्ली में सबसे अधिक है।
नई दिल्ली: एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि राष्ट्रीय राजधानी में 5,556 स्कूलों में 44.9 लाख से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं तथा नामांकन बढ़ता जा रहा है, लेकिन स्कूलों के भवनों की संख्या कम है। रिपोर्ट के अनुसार प्रति स्कूल औसतन 808 छात्रों का नामांकन है, जबकि छात्र संख्या में वृद्धि की तुलना में स्कूल भवनों की संख्या नहीं बढ़ी है।
स्कूलों में कुल 1,61,958 शिक्षक तैनात हैं, जिससे छात्र-शिक्षक अनुपात 28:1 है। इससे संकेत मिलता है कि शिक्षकों की संख्या भी लगभग स्थिर है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 1,089 छात्र एकल-शिक्षक वाले स्कूलों में नामांकित हैं, जिससे शिक्षक कार्यभार और कक्षा प्रबंधन को लेकर चिंता बढ़ती है।
'यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस' (UDISE+) 2024-25 की रिपोर्ट के अनुसार स्कूलों की संख्या की तुलना में नामांकन का अनुपात दिल्ली में सबसे अधिक है, जो भीड़ और मौजूदा सुविधाओं पर बढ़ते बोझ की ओर इशारा करता है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली सरकार ने 2026-27 में राजधानी में करीब 50 नए स्कूल भवन और 8,000 अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण का लक्ष्य रखा है। फिलहाल कुल 5,556 स्कूलों में से 2,681 सरकारी संस्थान हैं, जिससे स्पष्ट है कि बड़ी संख्या में छात्र सार्वजनिक ढांचे पर निर्भर हैं।
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आंकड़ों के अनुसार 2,528 स्कूल आधारभूत और प्रारंभिक स्तर के, 803 मध्य स्तर के तथा 2,225 माध्यमिक स्तर के हैं। स्कूलों में आधारभूत और प्रारंभिक स्तर पर 26,560 शिक्षक, मध्य स्तर पर 11,564 और माध्यमिक स्तर पर 1,23,834 शिक्षक हैं। छात्र-शिक्षक अनुपात आधारभूत स्तर पर 14:1, प्रारंभिक स्तर पर 18:1, मध्य स्तर पर 28:1 और माध्यमिक स्तर पर 19:1 है।
आधारभूत सुविधाओं के संदर्भ में 4,720 स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालय ठीक ठाक हालत में हैं और 4,781 में बालक शौचालय उपलब्ध हैं। हालांकि केवल 430 स्कूलों में डिजिटल पुस्तकालय की सुविधा है, जबकि 1,844 स्कूलों में सौर पैनल लगे हैं। आधार से जुड़े प्रवेश मामलों की संख्या 43,11,104 रही।
कल नामांकन अनुपात के आंकड़े बताते हैं कि विभिन्न स्तरों पर छात्राओं की भागीदारी अधिक है। माध्यमिक स्तर पर लड़कियों का अनुपात 95.7 प्रतिशत है, जबकि लड़कों का 88.3 प्रतिशत है। मध्य स्तर पर यह अनुपात 113 लड़कों और 122 लड़कियों, प्रारंभिक स्तर पर 100 लड़कों और 110 लड़कियों और आधारभूत स्तर पर 50 लड़कों और 54 लड़कियों का है।
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