Press Trust of India | August 4, 2026 | 02:40 PM IST | 2 mins read
दिल्ली सरकार ने पुणे की एक नॉन-प्रॉफिट संस्था की स्कॉलरशिप के तहत, सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले जेईई और नीट के छात्रों के लिए एक साल के मुफ्त रेजिडेंशियल कोचिंग प्रोग्राम की घोषणा की है।

नई दिल्ली : दिल्ली सरकार ने 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी में मदद करने के लिए एक नई पहल शुरू की है, जिसके तहत उन्हें मुफ्त रेजिडेंशियल कोचिंग दी जाएगी। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रोग्राम सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए है और इसे पुणे स्थित एक नॉन-प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन, 'दक्षणा फाउंडेशन' की स्कॉलरशिप के तहत चलाया जाएगा।
शिक्षा निदेशालय (DoE) ने स्कूलों को इस प्रोग्राम के बारे में जानकारी देते हुए एक सर्कुलर जारी किया है और उनसे योग्य छात्रों के बीच जागरूकता फैलाने को कहा है। यह स्कॉलरशिप 12वीं कक्षा के साइंस स्ट्रीम के उन छात्रों के लिए है जो अभी सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ रहे हैं और जिनका एकेडमिक रिकॉर्ड अच्छा है।
इस प्रोग्राम के लिए आवेदन करने वाले छात्रों को उनके कक्षा 12वीं टर्म 1 के नतीजों के आधार पर जॉइंट दक्षणा सिलेक्शन टेस्ट (JSDT) 2027 के लिए बुलाया जाएगा। इन छात्रों को 'दक्षणा स्कॉलर एप्लीकेशन' (DSA) भरना होगा और फिर मॉक टेस्ट देना होगा। मॉक टेस्ट से छात्र इंटरफेस से परिचित हो सकेंगे। छात्रों का चयन 'जॉइंट दक्षणा सिलेक्शन टेस्ट (JSDT) 2027' के जरिए किया जाएगा। जो छात्र इसमें सफल होंगे, उन्हें महाराष्ट्र के पुणे के पास काडूस गांव में स्थित फाउंडेशन के कैंपस, 'दक्षणा वैली' में एक साल की पूरी तरह से रेजिडेंशियल कोचिंग मिलेगी।
इस प्रोग्राम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि छात्रों को कोई खर्च नहीं उठाना पड़ेगा। स्कॉलरशिप में पूरे कोर्स के दौरान कोचिंग, हॉस्टल में रहने और खाने-पीने का खर्च शामिल है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर बैकग्राउंड वाले छात्रों के लिए भारत की दो सबसे कठिन एंट्रेंस परीक्षाओं की तैयारी करना आसान हो जाएगा। उम्मीद है कि इस पहल से उन छात्रों को फायदा होगा जो टॉप इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन लेना चाहते हैं, लेकिन महंगे कोचिंग संस्थानों का खर्च नहीं उठा सकते।
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शिक्षा निदेशालय ने छात्रों को सलाह दी है कि वे एप्लीकेशन प्रोसेस और सिलेक्शन टेस्ट से जुड़ी जानकारी के लिए अपने स्कूलों के संपर्क में रहें। स्कूलों से यह भी कहा गया है कि वे काबिल छात्रों को अप्लाई करने के लिए प्रोत्साहित करें ताकि वे इस मौके का पूरा फायदा उठा सकें। यह स्कॉलरशिप न सिर्फ मुफ्त कोचिंग देती है, बल्कि होनहार छात्रों को कॉम्पिटिटिव परीक्षा की तैयारी के आर्थिक खर्च की चिंता किए बिना अपने भविष्य की तैयारी करने का मौका भी देती है।
सबसे चिंताजनक स्थिति बिहार में है, जहां प्राइमरी लेवल पर शिक्षकों के 2.08 लाख से अधिक पद खाली हैं। इसके अलावा, सेकेंडरी लेवल पर 36,035 और सीनियर सेकेंडरी लेवल पर 33,035 पद खाली हैं, जिससे राज्य में शिक्षकों के खाली पदों की कुल संख्या लगभग 2.77 लाख हो जाती है।
Santosh Kumar