Delhi Teachers Transfer: निर्देशों की अवहेलना करने पर आतिशी का डीओई को नोटिस; शिक्षकों के तबादले से जुड़ा मामला
Press Trust of India | July 3, 2024 | 10:31 PM IST | 2 mins read
आतिशी ने संविधान के अनुच्छेद 239AA के अनुसार राज्य और समवर्ती सूची के मामलों पर दिल्ली में निर्वाचित सरकार के कार्यकारी अधिकार को रेखांकित किया है।
नई दिल्ली: दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी ने 5,000 शिक्षकों के तबादलों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए शिक्षा विभाग के सचिव और शिक्षा निदेशालय (डीओई) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मंत्री ने उन पर 1 जुलाई के अपने निर्देश का उल्लंघन करने का आरोप लगाया, जिसमें किसी विशेष स्कूल में 10 साल से अधिक के कार्यकाल के आधार पर ऐसे तबादलों को रोकने का आदेश दिया गया था।
आतिशी ने संविधान के अनुच्छेद 239AA के अनुसार राज्य और समवर्ती सूची के मामलों पर दिल्ली में निर्वाचित सरकार के कार्यकारी अधिकार को रेखांकित किया है। अपने नोटिस में दिल्ली की शिक्षा मंत्री ने सवाल किया कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को उनके आदेशों की अवहेलना करने के लिए कार्रवाई का सामना क्यों नहीं करना चाहिए, जो अनुच्छेद 239AA का प्रभावी रूप से उल्लंघन है।
शिक्षा विभाग ने पहले 11 जून को एक परिपत्र जारी किया था जिसमें कहा गया था कि एक ही स्कूल में एक दशक से अधिक समय तक सेवा देने वाले शिक्षकों को स्थानांतरण के लिए आवेदन करना चाहिए, या शिक्षा विभाग द्वारा उन्हें फिर से नियुक्त किया जाना चाहिए। ऐसा न करने पर उन्हें शिक्षा निदेशालय द्वारा किसी अन्य स्कूल में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। आतिशी ने 28 जून को इस आदेश का विरोध किया।
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आप विधायक दिलीप पांडे समेत आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेताओं ने बुधवार (3 जुलाई) को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उपराज्यपाल पर निशाना साधा और कहा कि यह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के शिक्षा मॉडल को कमजोर करने की कोशिश है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की यह कार्रवाई दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को अस्थिर करने और शिक्षकों पर अनुचित दबाव डालने के लिए राजनीति से प्रेरित है। दिलीप पांडे ने कहा कि भाजपा और उपराज्यपाल (एलजी) दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को पंगु बनाने के लिए शिक्षकों को स्थानांतरित करने की साजिश कर रहे हैं।
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