Curriculum on AI: स्कूलों में तीसरी कक्षा से एआई पर शुरू होगा पाठ्यक्रम, विशेषज्ञ समिति का गठन
Saurabh Pandey | October 30, 2025 | 08:14 PM IST | 2 mins read
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (एआई और सीटी) सीखने, सोचने और सिखाने की अवधारणा को मजबूत करेगा और धीरे-धीरे सार्वजनिक हित के लिए एआ की अवधारणा की ओर विस्तारित होगा।
नई दिल्ली : शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (DoSE&L) ने भविष्य के लिए तैयार शिक्षा के आवश्यक घटकों के रूप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (एआई और सीटी) को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
विभाग, काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से, स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ एसई) 2023 के व्यापक दायरे में एक सार्थक और समावेशी पाठ्यक्रम तैयार करने में राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ सीबीएसई, एनसीईआरटी, केवीएस और एनवीएस जैसे संस्थानों का समर्थन कर रहा है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (एआई और सीटी) सीखने, सोचने और सिखाने की अवधारणा को मजबूत करेगा और धीरे-धीरे "सार्वजनिक हित के लिए एआई" की अवधारणा की ओर विस्तारित होगा। यह पहल जटिल चुनौतियों को हल करने के लिए एआई के नैतिक उपयोग की दिशा में एक नया लेकिन महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह तकनीक कक्षा 3 से शुरू होकर, आधारभूत स्तर से ही अंतर्निहित होगी।
मुख्य विशेषताएं
- शैक्षणिक सत्र 2026-27 से तीसरी कक्षा से आगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग की शुरुआत, एनईपी 2020 और एनसीएफ एसई 2023 के अनुरूप
- एनसीएफ एसई के अंतर्गत एआई और सीटी पाठ्यक्रम, समय आवंटन और संसाधनों का एकीकरण।
- दिसम्बर 2025 तक संसाधन सामग्री, हैंडबुक और डिजिटल संसाधनों का विकास।
- निष्ठा और अन्य संस्थानों के माध्यम से शिक्षक प्रशिक्षण, जो ग्रेड-विशिष्ट और समयबद्ध हो।
पाठ्यक्रम विकसित करने के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन
29 अक्टूबर 2025 को एक स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन आयोजित किया गया, जिसमें सीबीएसई, एनसीईआरटी, केवीएस, एनवीएस और बाहरी विशेषज्ञों सहित विशेषज्ञ निकाय एक साथ आए। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने एआई और सीटी पाठ्यक्रम विकसित करने के लिए आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर कार्तिक रमन की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।
कंसल्टेशन में, डीओएसईएल के सचिव संजय कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की शिक्षा को हमारे आसपास की दुनिया (टीडब्ल्यूएयू) से जुड़े एक बुनियादी सार्वभौमिक कौशल के रूप में माना जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम व्यापक, समावेशी और एनसीएफ एसई 2023 के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक बच्चे की विशिष्ट क्षमता हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने आगे कहा कि नीति निर्माताओं के रूप में हमारा काम न्यूनतम सीमा निर्धारित करना और बदलती ज़रूरतों के आधार पर उसका पुनर्मूल्यांकन करना है।
एनसीएफ एसई के अंतर्गत एक समन्वय समिति के माध्यम से एनसीईआरटी और सीबीएसई के बीच सहयोग से निर्बाध एकीकरण, संरचना और गुणवत्ता आश्वासन सुनिश्चित होगा। संयुक्त सचिव (सूचना एवं प्रौद्योगिकी) प्राची पांडे ने पाठ्यक्रम विकास और क्रियान्वयन के लिए निर्धारित समयसीमा का पालन करने के महत्व को दोहराते हुए समापन किया।
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