Press Trust of India | May 19, 2026 | 02:19 PM IST | 2 mins read
संयम भारद्वाज ने कहा कि कुछ छात्रों ने 'कैप्चा' दिखाई नहीं देने की शिकायत की इसके बाद पोर्टल से 'कैप्चा' फीचर हटा दिया गया है।

नई दिल्ली: सीबीएसई कक्षा 12 के पुनर्मूल्यांकन पोर्टल में तकनीकी खामियों की छात्रों की शिकायतों के बीच बोर्ड ने दावा किया कि सिस्टम ठीक से काम कर रहा है और दिन की शुरुआत में लॉगिन से संबंधित केवल कुछ समस्याओं की ही रिपोर्ट मिली। कई छात्रों ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर तकनीकी खराबी की शिकायत की जिनका दावा था कि पोर्टल 'क्रैश' हो गया था और वे लॉगइन या आवेदन जमा नहीं कर पा रहे थे।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि उन्हें सुबह कुछ छात्रों के फोन आए थे जो लॉगइन नहीं कर पा रहे थे लेकिन उसके बाद कोई शिकायत नहीं मिली।
उन्होंने कहा, ''कभी-कभी जब छात्र एक ही पेज खोलते हैं, तो पहले से सेव किया गया पेज फिर से खुल जाता है। मैंने उनसे कंप्यूटर रीस्टार्ट करने को कहा। तब से कोई फोन नहीं आया।'' उन्होंने छात्रों को थोड़ी देर बाद फिर से प्रयास करने की सलाह भी दी।
परीक्षा नियंत्रक ने कहा, ''अगर कभी वे लॉगइन नहीं कर पाते हैं, तो यह मतलब नहीं है कि वे लंबे समय तक आवेदन में फंसे रहेंगे। वे इंतजार कर सकते हैं और फिर से आवेदन जमा कर सकते हैं।'' उन्होंने कहा कि पोर्टल ठीक से काम कर रहा है।
भारद्वाज ने कहा, ''मैंने डमी उम्मीदवार के तौर पर आवेदन जमा किया और वह जमा हो गया।'' तकनीकी खराबी के दावों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि समस्याएं उपयोगकर्ताओं के कमजोर इंटरनेट कनेक्शन से जुड़ी हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ छात्रों ने 'कैप्चा' दिखाई नहीं देने की शिकायत की इसके बाद पोर्टल से 'कैप्चा' फीचर हटा दिया गया है। उन्होंने कहा, ''एनआईसी हमारी वेबसाइट की देखरेख कर रहा है और उनकी तरफ से भी सब कुछ ठीक है।''
छात्रों और अभिभावकों द्वारा बोर्ड की 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' प्रणाली को लेकर जताई गई चिंताओं के बाद सीबीएसई ने मंगलवार को कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बोर्ड ने छात्रों को 22 मई तक का समय दिया है। छात्र 26 से 29 मई के बीच पुन: जांची गई आंसर शीट को देख सकेंगे। यदि छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाएं देखना चाहते हैं, तो वे 700 रुपये के बजाय 100 रुपये का शुल्क देकर ऐसा कर सकते हैं।
यदि वे उत्तर पुस्तिका का सत्यापन या पुष्टि करवाना चाहते हैं, तो उन्हें 500 रुपये के बजाय 100 रुपये का भुगतान करना होगा। यदि वे किसी विशेष उत्तर की पुनः जांच करवाना चाहते हैं, तो शुल्क प्रति प्रश्न 25 रुपये होगा।