बिहार में टीआरई अभ्यर्थियों, गेस्ट टीचरों व पीएचडी धारकों का प्रदर्शन जारी, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

Santosh Kumar | August 21, 2026 | 11:21 AM IST | 2 mins read

टीआरई अभ्यर्थियों के शिविर के पास बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों के अतिथि शिक्षक और पीएचडी धारक भी 2 सप्ताह से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे हैं।

प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी के साथ शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का पुतला भी फूंका गया। (इमेज-एक्स/@BiharSMunch)

पटना: बिहार की राजधानी के गर्दनीबाग इलाके में टीआरई-4 भर्ती के उम्मीदवारों, गेस्ट टीचरों और पीएचडी होल्डर्स का विरोध-प्रदर्शन जारी है। बीपीएससी की ओर से टीआरई-4 के लिए नोटिफिकेशन जारी किए जाने के बावजूद, इस आंदोलन के थमने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार उनकी मुख्य मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी के साथ शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का पुतला लेकर प्रदर्शन किया गया।

इससे पहले, बिहार में शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने मंगलवार दोपहर चेतावनी दी थी कि यदि शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई)-चार की अधिसूचना जारी नहीं की गई तो वे राज्य के शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव कर सकते हैं।

इसी दिन बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने 32,000 से अधिक पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी कर दी। हालांकि, टीआरई-4 के अभ्यर्थी अपनी अन्य मांगों के समाधान की मांग को लेकर धरना स्थल से नहीं हटे हैं।

छात्र नेता ने शिक्षा मंत्री पर लगाए आरोप

टीआरई अभ्यर्थियों के शिविर के पास बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों के अतिथि शिक्षक और पीएचडी धारक भी 2 सप्ताह से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों में शामिल कुमुद पटेल लगातार 17वें दिन आमरण अनशन पर बैठे हैं।

छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा, "यदि सरकार बीपीएससी की मुख्य परीक्षा समेत दो चरणों में परीक्षा आयोजित करना चाहती है तो उसे टीआरई-4 से लागू करना चाहिए, क्योंकि अभ्यर्थी पहले ही काफी समय गंवा चुके हैं।"

उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी "कोचिंग संस्थानों के इशारे पर" मुख्य परीक्षा शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि कोचिंग संस्थान "कोचिंग बैच बेचकर लाभ कमा सकें।"

Also read BPSC TRE 4 Notification 2026: बीपीएससी टीआरई-4 के लिए आवेदन 1 सितंबर से, कुल रिक्तियां 32,388, अधिसूचना जारी

प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों की प्रमुख मांगे

दिलीप कुमार ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) की परीक्षाओं में मौजूदा संविदा कर्मचारियों को दिए जाने वाले 25 प्रतिशत अतिरिक्त भारांक की विवादास्पद व्यवस्था को भी वापस लेने की मांग की।

उन्होंने कहा कि इससे संविदा कर्मचारियों को अनुचित लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि बिहार में पिछले 18 वर्षों से पुस्तकालयाध्यक्ष के पदों पर नियमित भर्ती नहीं हुई है और सरकार को इस दिशा में समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए।

छात्र नेता ने आरोप लगाया कि "भ्रष्ट तरीकों" से सरकारी नौकरियां हासिल करने वाले "हजारों अधिकारियों" के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए और सभी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

Bihar Protest: पीएचडी होल्डर्स की प्रमुख मांगे

पीएचडी होल्डर्स सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति में यूजीसी 2018 के नियमों को लागू करने, उम्र सीमा 55 साल तय करने, असिस्टेंट प्रोफेसर की रेगुलर नियुक्ति और मूल निवास नीति को लागू करने की मांग कर रहे हैं।

उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर और अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह के इस्तीफे की भी मांग की। दीपक कुमार सिंह ने करीब एक सप्ताह पहले प्रदर्शनकारियों के साथ बैठक की थी।

MakeCAREERS360
My Trusted Source
Add as a preferred source on google
[

विशेष समाचार

]
[

नवीनतम शिक्षा समाचार

]