Santosh Kumar | August 21, 2026 | 09:23 AM IST | 1 min read
पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि 29 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 के बीच सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में तकनीकी और प्रक्रियागत कारणों से दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित रह गए पात्र विद्यार्थियों को राहत देते हुए छात्रवृत्ति पोर्टल दोबारा खोलने का फैसला किया है। समाज कल्याण विभाग के मुताबिक पोर्टल 1 सितंबर से फिर खोला जाएगा।
पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप के तहत पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि 29 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 के बीच सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।
उत्तर प्रदेश में बीजेपी की योगी सरकार के इस फैसले से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य श्रेणी और अल्पसंख्यक समुदायों के सभी पात्र छात्रों को फायदा होगा।
समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित न रहे और धन या तकनीकी अड़चनों के कारण किसी की पढ़ाई प्रभावित न हो।
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वर्ष 2025-26 में तकनीकी कारणों से कुल 3,16,057 स्टूडेंट छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित रह गए जिनमें सरकारी संस्थानों के 31,836, सहायता प्राप्त संस्थानों के 37,795 और निजी संस्थानों के 2,46,426 विद्यार्थी शामिल हैं।
समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप सीधे बैंक खातों में भेजे जाने से भुगतान में पारदर्शिता और उसकी निगरानी सुनिश्चित होगी।
इसके जवाब में एनटीए ने साफ किया कि यह सिस्टम सभी छात्रों के हित में बनाया गया है और इसका मकसद रेवेन्यू कमाना नहीं है। एनटीए ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर इस संबंध में एक पोस्ट साझा किया है।
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