Santosh Kumar | August 21, 2026 | 08:39 AM IST | 2 mins read
एनटीए ने कहा कि आंसर की को चुनौती देने का सिस्टम इस तरह से बनाया गया है कि यह हर स्टूडेंट के लिए निष्पक्ष हो, न कि केवल उस स्टूडेंट के लिए जो चुनौती दे रहा है।

नई दिल्ली: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने यूजीसी नेट 2026 आंसर की को चुनौती देने के लिए तय फीस को लेकर जताई गई चिंताओं पर स्पष्टीकरण जारी किया। उम्मीदवारों ने शिकायत की थी कि प्रति प्रश्न ₹200 की फीस बहुत अधिक है। इसके जवाब में एनटीए ने साफ किया कि यह सिस्टम सभी छात्रों के हित में बनाया गया है और इसका मकसद रेवेन्यू कमाना नहीं है। एनटीए ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर इस संबंध में एक पोस्ट साझा किया है।
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पोस्ट में, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने कहा कि आंसर की को चुनौती देने का सिस्टम इस तरह से बनाया गया है कि यह हर स्टूडेंट के लिए निष्पक्ष हो, न कि केवल उस स्टूडेंट के लिए जो चुनौती दे रहा है।
इसमें कहा गया है कि "एक चुनौती से सबका फायदा" अगर कोई एक उम्मीदवार किसी सवाल को चुनौती देता है और विषय के विशेषज्ञ उस चुनौती को स्वीकार कर लेते हैं, तो बदली हुई आंसर की सभी उम्मीदवारों पर लागू होती है।
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एनटीए ने कहा कि अगर आपत्ति सही होती है, तो फीस वापस की जाती है। आपत्तियां सही होने पर हर सवाल के लिए शुल्क वापस मिलते हैं। यह फीस फालतू आपत्तियों को रोकने के लिए है, न कि सही आपत्तियों से फायदा कमाने के लिए।
एजेंसी ने कहा अगर आप किसी गलती की पहचान करके उसे चुनौती देते हैं और वह सही होती है, तो न केवल आपको फीस वापस मिलेगी, बल्कि किसी एक उम्मीदवार की सही चुनौती से लाखों लोगों के लिए भी रिकॉर्ड सुधारा जा सकेगा।
यह स्पष्टीकरण यूजीसी नेट प्रोविजनल आंसर की जारी होने के बाद आया है। कुछ विषयों की परीक्षाओं में गलतियों के कारण इसे रद्द भी किया गया है। एक उम्मीदवार ने एक्स पर लिखा, "हर सवाल के लिए ₹200 चार्ज करना लूट है।"
इस भर्ती अभियान के तहत विभिन्न पब्लिक सेक्टर बैंकों में स्पेशलिस्ट ऑफिसर के पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार अब अपने कॉल लेटर डाउनलोड कर सकते हैं। आईबीपीएस एसओ परीक्षा 29 अगस्त को देश भर के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।
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