BPSC Protest: राज्यपाल, मुख्य सचिव के हस्तक्षेप के बावजूद गतिरोध जारी, सभी केंद्रों पर री-एग्जाम कराने की मांग
Press Trust of India | December 31, 2024 | 09:07 AM IST | 2 mins read
13 दिसंबर को बीपीएससी सीसीई 2024 परीक्षा में 5 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे। प्रारंभिक परीक्षा में पेपर लीक होने के आरोप लगे हैं।
पटना: हाल ही में आयोजित बीपीएससी परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर गतिरोध सोमवार को भी जारी रहा, जबकि बिहार के राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई और मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा को बुलाकर प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग से बातचीत की।
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वे नीतीश कुमार सरकार को "48 घंटे का समय दें और यदि तब तक कोई समाधान नहीं निकलता है, तो वे अपना आंदोलन फिर से शुरू कर सकते हैं।"
मुख्य सचिव से मिलने वाले प्रतिनिधियों में किशोर के पार्टी सहयोगी और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी आर.के. मिश्रा भी शामिल थे। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मुख्य सचिव ने उनकी बातें धैर्यपूर्वक सुनी हैं।
BPSC Protest: सीएम को दिया कल तक का समय
उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री के पास इस मुद्दे को सुलझाने के लिए 1 जनवरी तक का समय है। यदि तब तक कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकलता है, तो छात्र अपना विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू कर सकते हैं।"
बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा, ''बीपीएससी स्थिति का आकलन करेगा और सही समय पर निर्णय लेगा।'' राज्यपाल और बीपीएससी अध्यक्ष के बीच हुई बैठक पर उन्होंने कहा, ''हम राज्यपाल के सुझाव का इंतजार करेंगे।''
BPSC Aspirant Protest: 912 केंद्रों पर री-एग्जाम की मांग
बीपीएससी सचिव सत्य प्रकाश शर्मा ने एक समाचार चैनल से कहा, "आयोग प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की बात सुनने के लिए तैयार है। लेकिन उन्हें यह समझना चाहिए कि पूरी परीक्षा रद्द करने का सवाल ही नहीं उठता।"
13 दिसंबर को बीपीएससी सीसीई परीक्षा में 5 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे। पटना के बापू परीक्षा केंद्र पर परीक्षा में व्यवधान उत्पन्न होने के कारण आयोग 10 हजार से अधिक अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करेगा।
कुछ अभ्यर्थियों ने नाराजगी जताते हुए मांग की है कि राज्य के सभी 912 परीक्षा केंद्रों पर दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए ताकि सभी को समान अवसर मिल सके। इस मांग का कई विपक्षी दलों ने भी समर्थन किया है।
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