BPSC Judicial Services Pre Exam 2026: बीपीएससी 33वीं न्यायिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा स्थगित, अधिसूचना जारी
Santosh Kumar | May 25, 2026 | 06:17 PM IST | 1 min read
बीपीएससी 33वीं बिहार न्यायिक सेवा परीक्षा 2026 कुल 173 सिविल जज (पीसीएस जे) के पदों को भरने के लिए आयोजित की जा रही है।
नई दिल्ली: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने 33वीं बिहार न्यायिक सेवा प्रतियोगी परीक्षा (प्रारंभिक) को स्थगित कर दिया है। यह परीक्षा, जिसे आयोग ने पहले 3 जून के लिए निर्धारित किया था, अब टाल दी गई है। बीपीएससी ने इस संबंध में नई अधिसूचना अपनी आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जारी की है, जिसके माध्यम से उम्मीदवारों को यह जानकारी दी गई है।
अधिसूचना में कहा गया है कि उम्मीदवारों को सूचित किया जाता है कि, रिट याचिका (सिविल) संख्या 1110/2025 में 22 मई को उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित अंतरिम आदेश के आलोक में, 3 जून को होने वाली परीक्षा स्थगित कर दी गई है।
Bihar Judicial Services Exam 2026: कुल 173 पदों के लिए परीक्षा
बीपीएससी परीक्षा की नई तारीख के संबंध में एक अलग अधिसूचना जारी करेगा। इससे पहले, आयोग ने बीपीएससी न्यायिक सेवा 2026 प्रारंभिक परीक्षा का कार्यक्रम जारी किया था, जो 3 जून को दो पालियों में आयोजित की जानी थी।
बीपीएससी 33वीं न्यायिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा ऑफलाइन (ओएमआर) मोड में आयोजित की जाएगी। बीपीएससी 33वीं बिहार न्यायिक सेवा परीक्षा कुल 173 सिविल जज (पीसीएस जे) के पदों को भरने के लिए आयोजित की जा रही है।
BPSC Judicial Services Exam 2026: बीपीएससी परीक्षा अवधि
पहली पाली में सामान्य अध्ययन की परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को, निर्धारित 1 घंटे 30 मिनट की अवधि के अतिरिक्त, 10 मिनट का अतिरिक्त क्षतिपूर्ति समय दिया जाएगा। परिणामस्वरूप, परीक्षा की कुल अवधि 1 घंटे 40 मिनट होगी।
दूसरी पाली में विधि (लॉ) की परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को, निर्धारित 2 घंटे की अवधि के अतिरिक्त, 15 मिनट का अतिरिक्त क्षतिपूर्ति समय दिया जाएगा। परिणामस्वरूप, परीक्षा की कुल अवधि 2 घंटे 15 मिनट होगी।
अगली खबर
]CBSE Re-evaluation Controversy: अरविंद केजरीवाल ने की धर्मेंद्र प्रधान को हटाने व ओएसएम को समाप्त करने की मांग
केजरीवाल ने मांग की है कि पीएम मोदी तुरंत शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाएं। उन्होंने ओएसएम प्रक्रिया को खत्म करने और मूल्यांकन की पारंपरिक प्रणाली को फिर से लागू करने की भी मांग की है।
Santosh Kumar | 1 min readविशेष समाचार
]- IIM Lucknow: आईआईएम लखनऊ ने फैमिली बिजनेस में एमबीए प्रोग्राम लॉन्च किया, पहला बैच जुलाई 2027 में, फीस जानें
- IRIS 2026: 27 क्षेत्रों के 54 स्कॉलर्स को मिला फैकल्टी रिसर्च अवार्ड; आईआईटी, एम्स, आईआईएम के शोधकर्ता शामिल
- IRIS 2026: इंडिया रिसर्च एंड इम्पैक्ट समिट 1 अक्टूबर को, नीति आयोग सदस्य समेत कई दिग्गज एजुकेटर्स होंगे शामिल
- UPSC Mains Marks: केंद्रीय सूचना आयोग ने यूपीएससी मेंस के अंकों का विवरण प्रकाशित करने की सिफारिश की
- JEE Advanced: जेईई-एडवांस्ड में 3 प्रयास की मांग तेज, 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने मंत्रालय को दिया प्रतिवेदन
- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार