Bihar News: बिहार सक्षमता परीक्षा पास शिक्षकों को छोड़ना होगा जिला, गृह जिले में स्थानांतरण का विकल्प नहीं
Saurabh Pandey | November 14, 2024 | 02:50 PM IST | 2 mins read
बिहार सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले राज्य के करीब एक लाख 40 हजार नियोजित शिक्षकों को 20 नवंबर को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने हाथों से दो सौ से अधिक शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौपेंगे।
नई दिल्ली : बिहार सक्षमता परीक्षा पास ज्यादातर शिक्षकों को अब अपना जिला छोड़ना होगा। पदस्थापन वाले जिले के साथ ही गृह जिले में भी स्थानांतरण का विकल्प नहीं है। पुरुष शिक्षकों को अनुमंडल के आधार पर विकल्प देना होगा।
राज्य में सक्षमता पास एक लाख 40 हजार शिक्षकों की काउंसलिंग पूरी हो चुकी है, जिनको 20 नवंबर को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। यह नियुक्ति पत्र सभी जिलों में प्रखंड स्तर पर संबंधित शिक्षकों को मिलेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राजधानी पटना के अधिवेशन भवन में दो सौ से अधिक सक्षमता पास शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
शिक्षकों को स्थानांतरण लेना अनिवार्य
मुजफ्फरपुर पूर्वी में पदस्थापित और पश्चिमी अनुमंडल में घर वालों के लिए दूसरा जिला ही एकमात्र विकल्प रहेगा। स्थानांतरण में पहले से जिलों से भेजी गई रिक्ति का अब कोई मतलब नहीं रह गया है। सक्षमता पास शिक्षकों को स्थानांतरण लेना अनिवार्य किया गया है, तभी इन्हें विशिष्ट शिक्षक का लाभ मिलेगा। जिले में आठ हजार शिक्षक सक्षमता परीक्षा पास हैं और करीब तीन हजार रिक्ति जिले से भेजी गई थी।
स्थानांतरण और पदस्थापन के नियम
शिक्षा विभाग के विद्यालयों में वेतनमान में नियुक्त नियमित शिक्षक, स्थानीय निकाय द्वारा नियुक्त शिक्षक, सक्षमता परीक्षा उतीर्ण शिक्षक और बीपीएएसी द्वारा नियुक्त शिक्षक हैं। इन विभिन्न प्रकार के कार्यरत शिक्षकों का अनुपात समेकित रूप से जिला और विद्यालय स्तर पर 10, 30, 30 और 30 फीसदी सुनिश्चित हो, इसी पर स्थानांतरण और पदस्थापन किया जाएगा।
नियोजित शिक्षकों के लिए आयोजित पहली सक्षमता परीक्षा में करीब 1.87 लाख नियोजित शिक्षक उत्तीर्ण हुए थे। विभिन्न कारणों से करीब 48 हजार शिक्षकों की काउंसलिंग अब तक नहीं हो सकी है।
विशिष्ट शिक्षक बनने पर मिलेंगी सुविधाएं
बिहार सक्षमता परीक्षा पास शिक्षकों को नियुक्ति पत्र मिलते ही वे सभी विशिष्ट शिक्षक बन जाएंगे। विशिष्ट शिक्षक बनने पर इन्हें राज्य सरकार के अन्य कर्मचारियों की तरह सारी सुविधाएं मिलेंगी। फिलहाल ये लोग नियोजित शिक्षक के तौर पर काम कर रहे थे।
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